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ईरान में गिरा था US फाइटर जेट, 50 घंटे तक दुश्मन के इलाके में छिपे रहे अमेरिकी कर्नल, खुद बताया कैसे बची जान?

US fighter jet Iran crash: ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट गिरने के बाद कर्नल ‘ब्रैवो’ 50 घंटे तक घायल हालत में छिपे रहे। पीठ टूटने के बावजूद क्रैश साइट से दूर भागकर उन्होंने रेस्क्यू का इंतजार किया।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 14, 2026

Fighter Jet

प्रतीकात्मक तस्वीर - ( Photo Credit- X/@CENTCOM)

US rescue operation Iran: ईरान के इलाके में एक अमेरिकी एयरफोर्स कर्नल करीब 50 घंटे तक घायल हालत में छिपा रहा और आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अप्रैल में उसका F-15E फाइटर जेट ईरानी हमले में गिर गया था।

विमान में मौजूद दोनों अधिकारियों ने पैराशूट से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन दोनों अलग-अलग जगह जा गिरे। पायलट को कुछ ही घंटों में बचा लिया गया, जबकि हथियार प्रणाली अधिकारी को खोजने में करीब दो दिन लग गए।

अधिकारी का नाम नहीं किया गया उजागर

इस पूरी घटना की जानकारी अमेरिकी मीडिया CBS News के कार्यक्रम ‘60 Minutes’ में सामने आई है। सुरक्षा कारणों से अधिकारी की पहचान उसके मिशन कॉल साइन ‘Bravo’ से की गई है।

100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गिरे

रिपोर्ट के मुताबिक 2 अप्रैल को F-15E ‘Dude 44’ एक मिशन पर था। इसका लक्ष्य ईरान के ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े औद्योगिक ठिकाने थे। इसी दौरान जेट को ईरानी शोल्डर-फायर्ड मिसाइल से निशाना बनाया गया।

हमले के बाद विमान के दोनों सदस्यों ने इजेक्ट किया, लेकिन ब्रैवो का पैराशूट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वह करीब 70 से 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे गिरे। पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाके में गिरने के बाद उसकी पीठ, हाथ और कंधे में गंभीर चोटें आईं।

अमेरिकी कर्नल ने बताया कि जब उन्होंने ऊपर देखा और उन्हें अपना पैराशूट नजर नहीं आया तो वह बेहद डर गया था। उस समय उन्होंने प्रार्थना की और मदद की उम्मीद बनाए रखी।

घायल होने के बावजूद क्रैश साइट से दूर चले गए

जमीन पर पहुंचने के बाद ब्रैवो को पता था कि अगर वह जेट के मलबे के पास रहे तो ईरानी सैनिक उन्हें आसानी से ढूंढ सकते हैं। इसलिए चोटों के बावजूद वह क्रैश साइट से दूर चले गए। वह करीब पांच मील दूर पहुंचे और फिर पहाड़ी इलाके में ऊपर की तरफ बढ़ते रहे।

आखिरकार उन्होंने करीब 7,000 फीट ऊंची एक पहाड़ी की रिज के पास छिपने की जगह बनाई। इस बीच अमेरिकी सेना उनके साथी ‘Alpha’ को बचाने में सफल रही, लेकिन ब्रैवो का पता नहीं चल पाया।

ईरानी सैनिक भी कर रहे थे तलाश

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ब्रैवो को ढूंढना लगातार मुश्किल होता जा रहा था। एक तरफ अमेरिकी सेना उसकी तलाश कर रही थी, तो दूसरी तरफ ईरानी सैनिक भी गिरे हुए अमेरिकी एयरमैन को खोज रहे थे।

अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि ईरानी सैनिक ब्रैवो के बेहद करीब पहुंच गए थे। एक समय वे उससे कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। इसी दौरान ब्रैवो किसी तरह अमेरिकी बलों से संपर्क करने में सफल हुए। उन्होंने बताया कि वह घायल हैं, लेकिन अभी चल-फिर सकते हैं।

CIA ने बनाया बचाने का रास्ता

इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने अलग-अलग खुफिया साधनों और एक भटकाने वाली रणनीति का इस्तेमाल कर ब्रैवो का पता लगाया। अमेरिकी सेना ने उस इलाके के पास ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर भी हमले किए।

रेस्क्यू ऑपरेशन में 90 से ज्यादा अमेरिकी सैन्यकर्मी जमीन पर उतारे गए, जबकि हवा में सैकड़ों लोग और कई हजार अन्य सैन्यकर्मी इस मिशन को सहयोग दे रहे थे।

आखिरकार रेस्क्यू टीम पहाड़ी इलाके तक पहुंची। ब्रैवो ने टीम को अपनी तरफ आते देखा तो इसे अपनी जिंदगी के सबसे शानदार पलों में से एक बताया। बचाने वालों के पहुंचते ही उनका जवाब था- ‘चलो।’

रेस्क्यू में फंसे अमेरिकी विमान भी नष्ट करने पड़े

रेस्क्यू मिशन हालांकि पूरी तरह आसान नहीं था। दो अमेरिकी विमान एक अस्थायी रेगिस्तानी रनवे पर उतरे, लेकिन रेत में फंस गए। रिपोर्ट के अनुसार संवेदनशील सैन्य उपकरण ईरान के हाथ न लगें, इसलिए अमेरिकी सेना को बाद में इन विमानों और हेलीकॉप्टरों को नष्ट करना पड़ा। करीब 50 घंटे बाद, ब्रैवो को ईरान से बाहर निकाल लिया गया।