
यूक्रेन से जंग के लिए विदेशी नागरिकों को सेना में भर्ती कर रहा रूस? (प्रतीकात्मक फोटो - एआई जनरेटेड)
Russia Foreign Soldiers Recruitment: यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस ने विदेशी नागरिकों को अपनी सेना में शामिल करने की कोशिश तेज कर दी है। रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र ने विदेशी नागरिकों और बिना नागरिकता वाले लोगों को सेना में भर्ती कराने वालों को मिलने वाली रकम में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब ऐसे व्यक्ति की भर्ती कराने पर 15 लाख रूबल यानी करीब 16 लाख रुपये तक दिए जाएंगे। यह रकम किसी रूसी क्षेत्र की ओर से विदेशी नागरिकों को सेना में भर्ती कराने के लिए दिया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा इनाम बताया जा रहा है।
रूसी स्वतंत्र मीडिया संस्थान व्योर्स्तका के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोब्जेव ने इस संबंध में इस सप्ताह एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इरकुत्स्क में सेना के लिए अनुबंधित सैनिकों की भर्ती कराने वालों को अप्रैल से ही आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पहले विदेशी नागरिकों की भर्ती के लिए अधिकतम 4 लाख रूबल तक दिए जाते थे। अब यह रकम बढ़ाकर 15 लाख रूबल कर दी गई है। यानी करीब सात महीने में अधिकतम भुगतान लगभग चार गुना बढ़ गया है।
नए आदेश में पहली बार विदेशी नागरिकों और बिना नागरिकता वाले लोगों के लिए अलग श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत उनकी रूसी सेना में भर्ती कराने वालों को बढ़ी हुई रकम दी जाएगी। वहीं, इरकुत्स्क क्षेत्र से बाहर पंजीकृत रूसी नागरिकों को सेना में भर्ती कराने पर मिलने वाली रकम भी बढ़ाई गई है। इसे 4 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रूबल कर दिया गया है। यह रकम करीब 9.5 लाख रुपये बैठती है।
विदेशी नागरिकों की भर्ती के लिए सिर्फ इरकुत्स्क ही आर्थिक प्रोत्साहन नहीं बढ़ा रहा है। रूस के दूसरे क्षेत्रों में भी सैनिकों की भर्ती कराने वालों को मिलने वाली रकम में बढ़ोतरी की गई है। स्मोलेंस्क क्षेत्र ने भर्ती कराने पर मिलने वाली रकम को 1.15 लाख रूबल से बढ़ाकर 10 लाख रूबल कर दिया है। वहीं, रियाजान क्षेत्र में कुछ तरह की भर्तियों के लिए भुगतान बढ़ाकर 8.05 लाख रूबल तक किया गया है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है। ऐसे में रूसी क्षेत्रों की ओर से भर्ती के लिए आर्थिक प्रोत्साहन बढ़ाने को सेना के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने अपनी सेना में विदेशी नागरिकों को शामिल करने की कोशिश भी बढ़ाई है। खास तौर पर कम आय वाले देशों के लोगों को भर्ती करने की कोशिशों की जानकारी सामने आती रही है।
रूस ने हाल के हफ्तों में यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज किए हैं। हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट इंजन वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने पोलैंड की सीमा के पास भी रूसी हमलों की जानकारी दी है।
दूसरी तरफ, यूक्रेन भी रूस के तेल और औद्योगिक ठिकानों को लंबी दूरी के हमलों से निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से रूसी डीजल ठिकानों पर हमले रोकने को कहा है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का असर वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है।
दोनों देशों के बीच चार साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध में लगातार सैनिकों और बुनियादी ढांचे का नुकसान हो रहा है। इसी बीच रूस अतिरिक्त सैनिकों की जरूरत पूरी करने के लिए भर्ती बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
Updated on:
14 Sept 2026 11:18 am
Published on:
14 Sept 2026 11:18 am
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