
Oil prices surge: डीजल की कीमत 6 डॉलर प्रति गैलन के पार, ट्रंप ने जेलेंस्की से रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने को कहा(फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Brent Crude Oil Price: मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य हलचल ने एक बार फिर दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था को झटका दे दिया है। सऊदी अरब पर ताजा हमलों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अचानक उछल गई। ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों 100 डॉलर के ऊपर पहुंच चुके हैं। इसी बीच रूस की रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों से डीजल संकट और गहराने लगा है, जिससे वैश्विक महंगाई की चिंता बढ़ गई है।
सोमवार को एशियाई कारोबार शुरू होते ही तेल की कीमतों ने तेज छलांग लगाई। ब्रेंट क्रूड करीब 3.46 फीसदी उछलकर 108.23 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई करीब 3.15 फीसदी चढ़कर 103.20 डॉलर पर पहुंच गया। बाद के कारोबार में तेजी कुछ नरम पड़ी, लेकिन दोनों प्रमुख बेंचमार्क 100 डॉलर के पार बने रहे। रॉयटर्स के मुताबिक, सप्ताहभर में कच्चे तेल की कीमत करीब 8 फीसदी बढ़ चुकी है और जुलाई के बाद पहली बार यह मनोवैज्ञानिक स्तर पार हुआ है।
बाजार की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ हमले नहीं, बल्कि तेल की सप्लाई के रास्तों का एक साथ दबाव में आना है। सऊदी अरब की करीब 1,200 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ड्रोन हमले के बाद बंद है। यह लाइन सऊदी तेल को लाल सागर के रास्ते बाहर भेजने का वैकल्पिक माध्यम देती है। रॉयटर्स के अनुसार, इसके लंबे समय तक बंद रहने पर वैश्विक तेल आपूर्ति के करीब 4 फीसदी हिस्से पर जोखिम पैदा हो सकता है।
खतरा केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं है। ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी UKMTO के अनुसार, होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल लगा, जिसके बाद उसमें आग लग गई और चालक दल को बाहर निकालना पड़ा। ईरान ने भी अपने तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले में एक व्यक्ति की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी है।
उधर यमन के हूती लड़ाकों की बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में बढ़ती पकड़ ने लाल सागर के रास्ते होने वाले ऊर्जा परिवहन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। यह मार्ग वैश्विक तेल कारोबार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों में शामिल है। रॉयटर्स के मुताबिक, हूतियों ने रणनीतिक पेरिम द्वीप पर भी कब्जा मजबूत किया है।
इस संकट का असर कच्चे तेल से आगे निकलकर तैयार ईंधन बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। एएनआई के अनुसार, अमेरिका में औसत डीजल कीमत शुक्रवार को पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से रूसी तेल रिफाइनरियों और डीजल ढांचे पर हमले रोकने को कहा है। उनका तर्क है कि इन हमलों से पहले से तंग वैश्विक ईंधन बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की रिपोर्ट ने भी तस्वीर गंभीर बताई है। एजेंसी के मुताबिक, अगस्त में खाड़ी देशों से डीजल और संबंधित ईंधनों का शुद्ध निर्यात युद्ध से पहले के स्तर के एक-चौथाई से थोड़ा अधिक रह गया। रूस की रिफाइनिंग क्षमता पर यूक्रेनी हमलों ने इस कमी को और बढ़ाया है।
अब निवेशकों की नजर सैन्य घटनाक्रम के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयासों पर है। होर्मुज को लेकर ईरान और खाड़ी देशों की प्रस्तावित बैठक ओमान में टल गई है। इससे तत्काल समाधान की उम्मीदों को झटका लगा है।
रॉयटर्स की एक बाजार टिप्पणी में भी चेतावनी दी गई है कि यदि सऊदी पाइपलाइन जल्दी बहाल नहीं होती और कूटनीतिक मोर्चे पर कोई ठोस प्रगति नहीं होती, तो तेल बाजार लंबे समय तक अस्थिर रह सकता है।
Updated on:
14 Sept 2026 07:55 am
Published on:
14 Sept 2026 07:43 am
