
Oman Iran Meeting Postponed: हॉर्मुज संकट: ईरान से बातचीत टली, खाड़ी में बढ़ी बेचैनी; तेल आपूर्ति पर मंडराया खतरा(फोटो सोर्स: ANI)
Strait of Hormuz Crisis: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। ईरान और खाड़ी देशों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर होने वाली अहम बैठक अचानक टाल दी गई है। इस फैसले ने न केवल क्षेत्रीय शांति की उम्मीदों को कमजोर किया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भी चिंता बढ़ा दी है। रणनीतिक समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे और हमलों ने दुनिया की नजरें फिर इस इलाके पर केंद्रित कर दी हैं।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और खाड़ी देशों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता स्थगित कर दी गई है। यह बैठक हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर होनी थी। ओमान ने रविवार को जानकारी दी कि क्षेत्रीय सहमति बनाने के उद्देश्य से इस बैठक को आगे बढ़ाया गया है। हालांकि, ईरान का कहना है कि कुछ क्षेत्रीय देशों के आग्रह के बाद यह फैसला लिया गया।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र अलबुसैदी ने बैठक टलने की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम सहमति कायम रखने के हित में उठाया गया है। वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स (Fars News Agency) ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि बैठक स्थगित करने का निर्णय तेहरान और मस्कट के बीच संयुक्त रूप से लिया गया।
इस बैठक को लेकर पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि ईरान, ओमान के साथ तैयार किए गए समुद्री मार्गों के संचालन से जुड़े प्रस्ताव को खाड़ी देशों के सामने रख सकता है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
कूटनीतिक मोर्चे पर आई रुकावट के साथ ही क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। यमन में ईरान समर्थित हूती समूह और सरकारी बलों के बीच संघर्ष बढ़ गया है। सरकारी सेनाओं ने अल-मखा (मोचा) बंदरगाह क्षेत्र को वापस हासिल करने के लिए हवाई हमले किए हैं। यह बंदरगाह लाल सागर में समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
इस बीच तेल बाजारों में भी हलचल देखने को मिली। सऊदी अरब ने ड्रोन हमलों में क्षतिग्रस्त हुई करीब 1,200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद रखा। यह पाइपलाइन हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बचते हुए तेल निर्यात का प्रमुख विकल्प मानी जाती है।
समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता तब और बढ़ी जब ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ (UKMTO) ने बताया कि हॉर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई और चालक दल को बाहर निकालना पड़ा। दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले में एक व्यक्ति की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक अस्थिरता बनी रहती है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। तेल कीमतों में उछाल, वैश्विक महंगाई और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ओमान नए सिरे से वार्ता की तारीख कब तय करता है और क्या क्षेत्रीय शक्तियां तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।
Updated on:
14 Sept 2026 06:47 am
Published on:
14 Sept 2026 06:29 am
