14 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

BRICS के संदेश से ट्रंप पर नहीं पड़ा कोई असर, अमेरिका ने हॉर्मुज में और कसा शिकंजा, 101 जहाजों को वापस लौटाया

BRICS के संदेश के बावजूद ट्रंप ने रुख नहीं बदला। अमेरिका ने हॉर्मुज में दबाव बढ़ाते हुए 101 कारोबारी जहाजों का रास्ता बदल दिया।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Sep 14, 2026

Trump Latest Statement

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

US blockade Iran: हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। BRICS की ओर से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए रास्ता निकालने का संदेश दिए जाने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में कोई नरमी नजर नहीं आई।

उल्टा, अमेरिका ने हॉर्मुज में अपनी नौसैनिक कार्रवाई और तेज कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, 13 सितंबर तक अमेरिकी नौसेना इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में 101 कारोबारी जहाजों का रास्ता बदलवा चुकी है।

BRICS के संदेश के बाद भी नहीं बदला अमेरिकी रुख

BRICS की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर संदेश सामने आने के बावजूद वॉशिंगटन ने अपनी कार्रवाई रोकने के संकेत नहीं दिए। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर दबाव बनाए रखा है और हॉर्मुज में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां जारी हैं।

अमेरिका की कार्रवाई से साफ है कि वह ईरान के खिलाफ अपने दबाव को कम करने के मूड में नहीं है। बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिशों के बीच समुद्री मोर्चे पर अमेरिका का यह कदम स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

101 कारोबारी जहाजों का बदला रास्ता

CENTCOM ने बताया है कि अमेरिकी नौसेना ने अब तक 101 वाणिज्यिक जहाजों को हॉर्मुज में अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है। इन जहाजों में अलग-अलग तरह के कारोबारी और मालवाहक पोत शामिल हैं।

इस कार्रवाई का सीधा मतलब है कि हॉर्मुज में जहाजों की सामान्य आवाजाही पर अमेरिकी निगरानी और दबाव बढ़ गया है। अगर यह स्थिति आगे भी जारी रहती है तो समुद्री व्यापार के साथ-साथ ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ सकता है।

जुलाई में दोबारा शुरू हुई थी नाकेबंदी

अमेरिका ने जुलाई में ईरान के बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी फिर से शुरू की थी। यह फैसला वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत टूटने के बाद लिया गया।

अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही परमाणु कार्यक्रम और दूसरे मुद्दों को लेकर तनाव है। बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिशों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच भरोसा कायम नहीं हो पाया।

हॉर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। खाड़ी के कई बड़े तेल उत्पादक देशों के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है।

इस रास्ते पर लंबे समय तक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से तेल की कीमतों, शिपिंग खर्च और बीमा लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर एशिया के उन देशों पर भी पड़ सकता है जो खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करते हैं।