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गूगल की फिनलैंड डील पर ट्रंप नाराज, 15 अरब डॉलर के निवेश पर बड़ा बयान, बोले- मैं खुश नहीं हूं

ट्रंप ने गूगल से फिनलैंड में 15 अरब डॉलर के AI निवेश पर फिर से विचार करने को कहा और अमेरिकी परमिट सिस्टम पर सवाल उठाए। जानें फिनलैंड डील
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भारत

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 15 Sep 2026, 5:51 AM IST

Google's Finland AI investment

फिनलैंड में 15 अरब डॉलर के निवेश पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, photo source (ANI)

Google Finland AI Investment: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को टेक कंपनी गूगल से फिनलैंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बड़े निवेश की अपनी योजनाओं पर फिर से विचार करने को कहा। उन्होंने अमेरिका में सख्त निगरानी के प्रस्तावों का विरोध करते हुए देश के अंदर मौजूद रेगुलेटरी बाधाओं की आलोचना की।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि, गूगल ने हाल ही में कहा है कि वे फिनलैंड में एक बहुत बड़ा प्लांट बनाना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें अमेरिका में परमिट मिलना बहुत मुश्किल लग रहा है। मैं इससे खुश नहीं हूं और चाहता हूं कि वे अपनी सोच बदलें। उन्होंने दावा किया कि AI और डेटा सेंटर आने वाले समय में तेल, सोने, हीरे या इंटरनेट से भी बड़े आर्थिक इंजन साबित होंगे, और उनके कार्यकाल में इन्हें रोका नहीं जा सकेगा।

15 अरब डॉलर का यूरोप में सबसे बड़ा निवेश

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक गूगल ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह फिनलैंड में डेटा सेंटर और डिजिटल आर्किटेक्चर पर कम से कम 15 अरब डॉलर खर्च करेगी, जिसे कंपनी ने यूरोप में अपना अब तक का सबसे बड़ा निवेश बताया है। यह पैसा हमिना स्थित मौजूदा सेंटर, जो कभी एक पुरानी पेपर मिल हुआ करती थी और अन्य जगहों पर जेमिनी, सर्च, मैप्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म चलाने के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा।

फिनलैंड के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत

यह निवेश फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के लिए एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी माना जा रहा है, जिनकी ट्रंप के साथ अप्रत्याशित रूप से अच्छी बनती है। शुरुआती निर्माण चरण में इस प्रोजेक्ट से 37,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा होने और लंबे समय तक 7,000 नौकरियां बने रहने की उम्मीद है। गूगल ने ऑनशोर विंड सप्लायर्स से बिजली खरीद समझौते भी किए हैं और ग्रिड स्थिरता के लिए नई बैटरी लगाने की योजना भी बनाई है।

AI का कब्जा एक झूठ है- ट्रंप का साफ इनकार

एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने AI से मानवता को खतरा होने की आशंकाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया, जबकि इंडस्ट्री के कई अधिकारी AI के विकास को कुछ समय रोकने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने इसे एक "मनगढ़ंत कहानी" बताते हुए इसकी तुलना रूस जांच और अपने पहले कार्यकाल की महाभियोग कार्यवाही से की।