हमले से कुछ ही मिनट पहले उसी स्टेशन से एक कूटनीतिक ट्रेन गुजरी थी, जिसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ट और कई यूरोपीय सुरक्षा अधिकारी सवार थे। यूक्रेनी रेलवे का कहना है कि सुरक्षा कारणों से उस ट्रेन का समय पहले कर दिया गया था, इसलिए आशंका है कि रूसी ड्रोन का असली निशाना वही वीआईपी ट्रेन रही होगी।