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चीन ने डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी हस्तक्षेप के आरोप नकारे, कहा- अमेरिकी वोटर ही तय करते हैं नतीजे

China Rejects Donald Trump Claims: डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों को चीन ने खारिज कर दिया। बीजिंग ने कहा कि अमेरिकी चुनावों का फैसला केवल वहां के वोटर करते हैं और चीन किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता।
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Jul 17, 2026
China rejects Donald Trump US election interference claims.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ । (Photo- IANS)

China Denies Election Interference: अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आरोपों को चीन ने सिरे से खारिज कर दिया है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि बीजिंग अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति का पालन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी चुनावों के नतीजे केवल अमेरिका के मतदाता ही तय करते हैं और इसमें किसी बाहरी देश का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

चीन की ओर से यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आरोप के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि बीजिंग ने 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डेटा चुरा लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस तरह की डेटा चोरी से अमेरिकी चुनावी सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा चुनावी प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित नहीं है।

क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेटा चोरी को लेकर कहा, 'चुराए गए डेटा में लोगों के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक दलों से जुड़ी प्राथमिकताएं और अन्य संवेदनशील जानकारी शामिल है। इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल मतदान को प्रभावित करने और दूसरी गलत गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।'

छवि धूमिल करने का किया प्रयास

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीनी सरकार ने उन अमेरिकी पत्रकारों की पहचान करने की कोशिश की, जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने अधिक से अधिक नकारात्मक खबरें और लेख प्रकाशित कराने के लिए बड़ी रकम देने की कोशिश की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्याय विभाग, एफबीआई और सीआईए को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर इस जानकारी को छिपाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।

चीन चाहता था कि चुनाव हार जाएं

उन्होंने आगे कहा, चीन चाहता था कि अमेरिकी राष्ट्रपति अगला चुनाव हार जाएं। हमारी सरकार लंबे समय से जानती है कि चुनावी मशीनों पर साइबर हमले का खतरा बहुत अधिक है। हमारा मानना है कि रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के साथ-साथ कुछ गैर-सरकारी समूहों में भी अमेरिकी चुनावी ढांचे को प्रभावित करने की क्षमता है।

Updated on:
17 Jul 2026 09:55 am
Published on:
17 Jul 2026 09:18 am