US-China Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के बाद अब चीन ने अमेरिका की एक कंपनी से एक बड़ी डील करने का फैसला लिया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपना दो दिवसीय चीन (China) दौरा खत्म करके वापस लौट गए हैं। 9 वर्षों में यह अमेरिकी राष्ट्रपति की पहला चीन दौरा था। इस दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से भी मुलाकात हुई और दोनों राष्ट्रपतियों के बीच करीब दो घंटे तक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों देशों के बीच कई बड़ी डील्स भी हुई। इनमें से एक डील अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing) के साथ भी हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि चीन बोइंग कंपनी से 200 विमान खरीदने के लिए सहमत हो गया है। बोइंग भी इसकी पुष्टि की है। यह डील ट्रंप और जिनपिंग के बीच हाल ही में हुई मीटिंग के दौरान हुई। यह लगभग एक दशक में चीन की बोइंग के साथ पहली डील है, जो अमेरिकी विमानन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बारे में जानकारी दी। ट्रंप ने यह भी बताया कि आने वाले समय में चीन यह डील और बढ़ा सकता है और 750 विमानों तक खरीद सकता है। हालांकि इसकी कम ही संभावना है।
बोइंग के साथ हुई यह डील अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में सुधार का संकेत देता है। चीन दुनिया के सबसे बड़े विमानन बाजारों में से एक है। ऐसे में बोइंग के लिए यह बाज़ार फिर से खुलना काफी फायदेमंद है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डील न सिर्फ बोइंग के उत्पादन को बढ़ावा देगी बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती प्रदान करेगी। अनुमान है कि 200 विमानों के साथ लगभग 400-450 इंजनों का ऑर्डर भी शामिल है। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
चीन से डील के बावजूद बोइंग के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि चीन ने उम्मीद से कम विमानों की खरीद की डील की, जिससे कंपनी के शेयरों को झटका लगा। वहीँ कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि राजनीतिक तनावों के बीच इस डील का क्रियान्वयन कितना सुचारू होगा, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।