
Asteroid with gold
अंतरिक्ष (Space) की दुनिया भी बेहद ही निराली है। इसमें कई राज़ छिपे हुए हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिक पता लगाने में जुटे हुए हैं। अंतरिक्ष में सिर्फ अन्य गृह, तारें और चंद्रमा ही नहीं, बल्कि कई एस्टेरॉयड्स भी घूम रहे हैं। मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच एक ऐसा एस्टेरॉयड घूम रहा है जिस पर भारी मात्रा में लोहा, निकल और प्लैटिनम तो है ही, साथ ही प्रचुर मात्रा में सोना भी है।
माना जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड पर धरती से भी ज़्यादा सोना हो सकता है। इसी वजह से इसे 'ट्रिलियन डॉलर एस्टेरॉयड' और 'अंतरिक्ष का खजाना' तक कहा जाने लगा है। इसका असल नाम '16 साइकी' है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने अक्टूबर 2023 में साइकी मिशन लॉन्च किया था। शुक्रवार को यह मंगल ग्रह के बेहद करीब से गुज़रा।
नासा का यान हाल ही में मंगल के बेहद करीब से गुज़रा और मंगल के गुरुत्वाकर्षण से और रफ्तार पकड़ेगा। नासा को पूरी उम्मीद है कि 2029 तक उसका यान '16 साइकी' तक पहुंच सकता है।
माना जा रहा है कि वैज्ञानिकों के लिए इस एस्टेरॉयड की सबसे बड़ी अहमियत इसकी कीमत नहीं, बल्कि इसके भीतर छिपे रहस्य हैं। माना जाता है कि यह किसी प्राचीन टूट चुके ग्रह का धातु वाला अंदरूनी हिस्सा हो सकता है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि अरबों साल पहले धरती जैसे ग्रह कैसे बने थे। नासा का यान एस्टेरॉयड के चारों ओर चक्कर लगाते हुए उसकी सतह, संरचना, गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय क्षेत्र और अंदरूनी बनावट की रिसर्च करेगा, जिससे इसके रहस्यों को समझने में मदद मिलेगी।
इस एस्टेरॉयड की खोज 1852 में इटली के खगोलशास्त्री एनीबेल डी गैस्पारिस ने की थी। लगभग 220 किलोमीटर चौड़ा यह एस्टेरॉयड 'एस्टेरॉयड बेल्ट' की सबसे बड़ी वस्तुओं में से एक है। कुछ रिपोर्ट्स में '16 साइकी' पर मौजूद धातुओं की अनुमानित कीमत इतनी बताई गई है कि अगर इसकी सारी धातुएं बेची जाएं, तो उनकी कीमत क्विंटिलियन डॉलर (1 के बाद 18 ज़ीरो) तक पहुंच सकती है।
संबंधित विषय:
Updated on:
16 May 2026 06:56 am
Published on:
16 May 2026 06:50 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
