
चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों देशों के बीच चल रहा विवाद थमने की जगह बढ़ ही रहा है। ऐसे में चीन ने आज ताइवान को घेरते हुए कई फाइटर जेट्स और शिप्स के साथ सैन्याभ्यास किया। चीन पिछले दो साल में पहले भी कई बार ताइवान को घेरते हुए सैन्याभ्यास कर चुका है। चीन के इस कदम के बाद ताइवान हाई अलर्ट पर है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ताइवान के चीन विरोधी राष्ट्रपति लाई चिंग-ते (Lai Ching-te) ने भी आज एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग बुलाई। देश की सेना भी अलर्ट मोड पर है। इसी बीच चीन की तरफ से ताइवान को धमकी दी गई है।
"ताइवान की आज़ादी और शांति बेतुकी बात"
चीन के सैन्याभ्यास के बाद ताइवान हाई अलर्ट पर है। ताइवान ने हमेशा ही खुद को एक आज़ाद और अलग देश माना है और चीन इसका विरोध करता है। ऐसे में चीन की तरफ से ताइवान को धमकी दी गई है कि ताइवान की आज़ादी और शांति की बाद बेतुकी है। साथ ही ताइवान की सरकार और ताइवान की आज़ादी का समर्थन करने वाले लोगों को भी चीन इस विचार से दूर रहने की सलाह दी है।
क्या है चीन और ताइवान के बीच विवाद की वजह?
दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच विवाद की यही वजह है।
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