विदेश

ताइवान के करीब चीन की नई हरकत, एक युद्धपोत और चार चीनी जहाज दिखे

China Taiwan conflict: ताइवान के करीब चीन की सैन्य गतिविधि फिर बढ़ी। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक PLAN युद्धपोत और चार चीनी सरकारी जहाजों की मौजूदगी की पुष्टि की।
2 min read
Jul 12, 2026
China-Taiwan Tensions
ताइवान-चीन टेंशन ( File Photo- ANI)

China Taiwan tensions: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह अक्सर अपने पड़ोसी देशों पर सैन्य ताकत के दम पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। कुछ ऐसी ही गतिविधि उसने एक बार फिर की है। इस संबंध में ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, ताइवान के आसपास चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी का एक युद्धपोत और चार आधिकारिक चीनी जहाज देखे गए हैं।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रिपब्लिक ऑफ चाइना (ROC) के सशस्त्र बलों ने स्थिति पर लगातार नजर रखी और आवश्यक कार्रवाई की।

पोस्ट में कहा गया, 'आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक ताइवान के आसपास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी का एक युद्धपोत और चार आधिकारिक चीनी जहाज संचालित होते पाए गए। रिपब्लिक ऑफ चाइना के सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की और उसके अनुरूप प्रतिक्रिया दी। इस दौरान ताइवाv के आसपास PLA के किसी भी विमान की गतिविधि दर्ज नहीं की गई, इसलिए उड़ान मार्ग का चित्र जारी नहीं किया गया।'

बता दें कि ताइवान पर चीन का दावा ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों पर आधारित एक जटिल मुद्दा है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है। यह रुख उसकी राष्ट्रीय नीति, घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय बयानों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

चीन का ताइवान पर दावा वर्ष 1683 से जुड़ा है, जब चिंग राजवंश ने मिंग वफादार नेता कोक्सिंगा को पराजित करने के बाद इस द्वीप पर नियंत्रण स्थापित किया था। वहीं ताइवान स्वयं को एक अलग पहचान वाला क्षेत्र मानता है और उसकी अपनी सरकार, सेना तथा अर्थव्यवस्था है।

चीन ने अमेरिका को दी थी चेतावनी

चीन ने 3 जुलाई को कहा था कि अमेरिका को ताइवान से जुड़े मामलों में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। कोई भी गलत कदम दोनों देशों के संबंधों और क्षेत्रीय शांति पर व्यापक असर डाल सकता है।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत के दौरान कहा था कि चीन और अमेरिका को आपसी मतभेदों और बाधाओं को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि दोनों देशों के संबंध सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

Updated on:
12 Jul 2026 08:30 am
Published on:
12 Jul 2026 08:30 am