
चीन (China) के 72 वर्षीय राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की ब्राज़ील (Brazil) में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मलेन (BRICS Summit) में शामिल नहीं होने को अब अनेक आंशकाओं और सवालों की नज़र से देखा जा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से उनकी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से गैर-मौजूदगी का कारण अन्य कार्यक्रम में व्यस्तता बताया गया है। लेकिन चीन की मीडिया पर गौर करें तो जिनपिंग पिछले कुछ समय से सरकार नियंत्रित खबरों से भी नदारद दिखाई दे रहे हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जुड़े, लेकिन जिनपिंग वर्चुअली भी इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुए।
ब्रिक्स के गठन के बाद से यह पहला मौका है कि जिनपिंग इसके सम्मेलन में शामिल नहीं हुए हैं। चीन की ओर से इस मुद्दे पर चुप्पी साधी रखी गई है, लेकिन चीन में संगठन और सेना के स्तर पर चल रही बदलाव की कवायद संकेत देती है कि चीन ने अब सत्ता परिवर्तन की ओर कदम बढ़ा दिया है।
जिनपिंग के सत्ता हस्तांतरण के बारे में अटकलें तब शुरू हुई जब सरकारी समाचार एजेंसी ने हाल ही में बताया कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के शक्तिशाली 24 सदस्यीय राजनीतिक ब्यूरो ने 30 जून को अपनी बैठक में पार्टी के विभिन्न घटकों के काम को लेकर नए नियमों की समीक्षा की है।
जिनपिंग, 12 साल से ज़्यादा समय के अपने शासनकाल में पहली बार सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख संगठनों को अधिकार सौंप रहे हैं। इससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे व्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण के लिए आधार तैयार कर रहे हैं या संभावित सेवानिवृत्ति की तैयारी के तहत अपनी भूमिका को कम कर रहे हैं।