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US-Israel War के बीच बड़ा खुलासा, ईरान ने तैयार किए नए ड्रोन और मिसाइल, 40 दिनों में किए 100 जवाबी हमले

Iran ने दावा किया कि अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान उसने 40 दिनों में 100 चरणों में जवाबी हमले किए और साथ ही नए ड्रोन व मिसाइल तकनीक विकसित की।
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भारत

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Ankit Sai

Jun 28, 2026

Mohammad Akraminia

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया (IANS Photo)

Iran Defense Development: जब पूरी दुनिया अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे सैन्य तनाव और हमलों पर नजर लगाए बैठी थी, उसी दौरान ईरान ने अपनी सैन्य ताकत को तेजी से आधुनिक बनाना शुरू कर दिया। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने बता कि यह युद्ध सिर्फ जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसी दौरान नए और ज्यादा आधुनिक हथियारों का विकास भी चलता रहा।

ड्रोन और मिसाइल अपग्रेड का दावा

ईरान का दावा है कि उसने युद्ध के दौरान ही नई पीढ़ी के ड्रोन तैयार कर उन्हें सेना में शामिल किया। इसके साथ ही मिसाइल सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया। अकरामिनिया के अनुसार, ईरान ने इस युद्ध को सिर्फ रक्षा नहीं, बल्कि अपनी सैन्य तकनीक को अगले स्तर पर ले जाने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया।

उन्होंने बताया कि सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों में सुधार किया गया और उनकी गुणवत्ता को पहले से बेहतर बनाया गया।

रमजान युद्ध के दौरान नए हथियारों की एंट्री

ब्रिगेडियर जनरल ने कहा कि जिसे वह रमजान युद्ध कहते हैं, उसके अंतिम चरण में ईरान ने ऐसे नए ड्रोन इस्तेमाल किए जिन पर पहले से रिसर्च चल रही थी। इन ड्रोन को युद्ध के बीच ही तेजी से विकसित कर सेवा में शामिल कर लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये नए ड्रोन पहले के Arash-2 जैसे मॉडलों से ज्यादा आधुनिक और सटीक हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में इनकी तकनीकी क्षमताओं के बारे में जनता को भी जानकारी दी जाएगी।

युद्ध के दौरान भी R&D उत्पादन पर जोर

ईरानी सेना प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध के बावजूद देश में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) का काम लगातार जारी रहा। पुराने हथियारों का इस्तेमाल करते हुए नए सिस्टम पर भी काम होता रहा। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान सिर्फ घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मित्र देशों से आधुनिक सैन्य उपकरण खरीदने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। यह रणनीति देश की सैन्य क्षमता को लंबे समय तक मजबूत करने के लिए अपनाई गई है।

40 दिनों में 100 बार जवाबी हमला

ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने इन हमलों के जवाब में 40 दिनों के भीतर 100 बार अलग-अलग चरणों पलटवार किया। इस दौरान खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाया गया। 15 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर समझौता हुआ। इसमें युद्ध रोकने, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और ईरान पर लगे नौसैनिक प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दे शामिल थे।