
डोनाल्ड ट्रंप (File Photo)
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में 'फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन' के 'रोड टू मेजॉरिटी' सम्मेलन में जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ईरान (Iran) के खिलाफ युद्ध और उसके साथ हुए शांति समझौते के विषय में भी बात की। ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने वो हासिल किया है जो पहले के राष्ट्रपति नहीं कर पाए थे।
ट्रंप ने कहा, "पिछले हफ्ते हमने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिससे वो हासिल किया जा सके जो पहले कोई राष्ट्रपति नहीं कर पाया था। इससे अब ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।"
ट्रंप ने आगे कहा, "अमेरिकी सेना के खिलाफ ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और ईरानी सेना बेहद कमजोर हो गई है। अब ईरान के पास न तो नेवी है, न एयरफोर्स है, न ही एंटी-एयरक्राफ्ट क्षमता है, न ही रडार और न ही कोई खास मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बची है।"
ट्रंप ने आगे कहा, "ईरान की ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट दागने की क्षमता में भारी कमी आई है। उनकी ड्रोन क्षमता में 82% की कटौती हो गई है। उनकी मिसाइल क्षमता में 80% की कटौती हो गई है। उनके रॉकेट लॉन्चरों में 90% की कटौती हो गई है।"
ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेतृत्व को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा, "ईरान के नेतृत्व को पहली बार खत्म किया गया, और फिर उनके नेतृत्व को दूसरी बार खत्म किया गया। अब कोई भी ईरान का नेता नहीं बनना चाहता।"
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरानी सेना के जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुलेमानी उन सड़क किनारे लगाए गए बमों के लिए ज़िम्मेदार था जिनसे अमेरिकी सैनिक अपंग हो गए थे। उन्होंने कहा, "जब आप किसी युवा पुरुष या महिला को बिना पैरों या बिना हाथों के या बिना चेहरे के घूमते हुए देखते हैं, तो ऐसा सड़क किनारे लगाए गए बम की वजह से हुआ होता है, जिसे जनरल सुलेमानी ने बनाया था और जिसे मैंने अपने पहले कार्यकाल में मार गिराया था। लोगों का कहना था कि सुलेमानी की हत्या पिछले सौ सालों में हुई सबसे बड़ी घटना है। अली खामेनेई और ईरान के बाकी सभी लोग इससे खुश थे क्योंकि वो भी सुलेमानी से डरते थे।"
Published on:
27 Jun 2026 10:42 am
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