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Dark Web Mystery: ऑनलाइन जहर बेच कर लोगों को मौत के घाट उतारने वाले शख्स को 14 साल की जेल

Assisted Suicide Conviction: ब्रिटेन में माइल्स क्रॉस नामक व्यक्ति को ऑनलाइन 'सुसाइड किट' बेचने के आरोप में 14 साल की सजा हुई। उसके द्वारा बेचे गए जहर से भारतीय मूल के शुभ्रीत सिंह सहित दो लोगों की जान गई थी।

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Jan 07, 2026
ऑनलाइन जहर बेचना भारी पड़ा। (फोटो: AI Generated)

Cybercrime Investigation: इंटरनेट की काली दुनिया (Dark Web) का एक डरावना चेहरा सामने आया है। ब्रिटेन में एक ऐसे शख्स को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है, जिसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कमजोर और मानसिक रूप से परेशान लोगों को 'आत्महत्या की दवा (Miles Cross Jail Sentence 2026)' बेची। इस घिनौने व्यापार के कारण दो लोगों की जान चली गई। अदालत ने इसे एक "दुर्लभ और बेहद गंभीर" मामला करार देते हुए ऑनलाइन 'सुसाइड किट' बेचने के जुर्म में मोल्ड क्राउन कोर्ट ने उसे 14 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। उसने "हिडनपेन" (Hiddenpen) नाम से एक छद्म पहचान बनाकर सुसाइड फोरम (Online Suicide Forum Case UK) पर उन कमजोर लोगों को निशाना बनाया, जो मानसिक रूप से परेशान थे। उसने न केवल जहर का विज्ञापन किया, बल्कि क्यूआर कोड के जरिए भुगतान लेकर रॉयल मेल के माध्यम से मौत का सामान सीधे उनके घर तक पहुँचाया।

कौन है यह 'मौत का सौदागर'?

33 वर्षीय माइल्स क्रॉस ने इंटरनेट के गुप्त फोरम पर "हिडनपेन" (Hiddenpen) नाम से एक छद्म पहचान बनाई थी। वह उन वेब पोर्टल्स पर सक्रिय रहता था जहां लोग अपनी मानसिक परेशानियों और खुदकुशी जैसे विचारों को शेयर करते थे। क्रॉस ने वहाँ कमजोर लोगों को निशाना बनाया और उन्हें एक खास घातक रसायन (जहर) का विज्ञापन देना शुरू किया। वह ब्रिटेन को एक "नानी स्टेट" कहता था, जो उसके अनुसार लोगों को अपनी मर्जी से मरने की आजादी नहीं देता।

क्यूआर कोड और रॉयल मेल: व्यापार का खौफनाक तरीका

जांच में खुलासा हुआ कि क्रॉस ने जहर बेचने के लिए बाकायदा एक व्यावसायिक ढांचा तैयार किया था। उसने एक QR कोड शेयर किया था, जिसे स्कैन कर लोग सीधे उससे घातक रसायन खरीद सकते थे। भुगतान मिलने के बाद वह 'रॉयल मेल' (ब्रिटिश डाक सेवा) के माध्यम से जहर के पैकेट पीड़ितों के घर भेज देता था। उसने प्रति पैकेट 100 पाउंड (लगभग 10,000 रुपये से अधिक) की कीमत वसूल की थी।

दो परिवारों में मातम, दो बाल-बाल बचे (Shubhreet Singh Suicide Investigation)

क्रॉस की इस करतूत के कारण लीड्स निवासी 29 वर्षीय भारतवंशी शुभ्रीत सिंह की मृत्यु हो गई। शुभ्रीत ने क्रॉस को 100 पाउंड दिए थे और जहर मिलने के बाद 1 सितंबर को अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस को शुभ्रीत के फोन से ऐसे मैसेज मिले, जहाँ क्रॉस उससे उसके "आखिरी भोजन" (Last Meal) के बारे में बात कर रहा था। शुभ्रीत के अलावा एक अन्य व्यक्ति ने भी इसी जहर का सेवन कर आत्महत्या कर ली, जिसकी पहचान कानूनी कारणों से गुप्त रखी गई है। हालांकि, क्रॉस की ओर से भेजे गए चार पैकेजों में से दो का इस्तेमाल नहीं हो सका, जिससे दो अन्य लोगों की जान बच गई।

पुलिस रेड और 96 जिप बैग्स का रहस्य

क्रॉस के अपराधों का भंडाफोड़ तब हुआ, जब पुलिस एक अन्य मामले की वित्तीय जांच (Financial Investigation) कर रही थी। जनवरी 2025 में जब नॉर्थ वेल्स पुलिस ने क्रॉस के घर पर छापा मारा, तो वहां से भारी मात्रा में वही घातक रसायन और 96 जिप फॉइल बैग बरामद हुए। यह संख्या इस बात का सुबूत थी कि उसने 100 बैग का ऑर्डर दिया था, जिनमें से चार वह पहले ही भेज चुका था।

अदालत का फैसला: 14 साल की कैद

मोल्ड क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज राइस रोलैंड्स ने क्रॉस को 14 साल की जेल की सजा सुनाई। जज ने कहा, "आपने जानबूझ कर उन लोगों को निशाना बनाया, जो पहले से ही मानसिक पीड़ा में थे।" क्रॉस ने खुदकुशी के लिए उकसाने और सहायता करने के चार मामलों में अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। एक जीवित बची पीड़ित ने अदालत में बताया कि कैसे क्रॉस ने उसकी कमजोरी का फायदा उठा कर उसे मौत के करीब धकेल दिया था।

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