
Donald Trump big claim that he Stopped 8 wars: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में भारत-पाकिस्तान जंग को लेकर बड़ा दावा किया है। अमेरिका की टैरिफ नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी देकर दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध को टाल दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थानीय समयानुसार गुरुवार को सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि टैरिफ के जरिए अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अकेले ही दुनिया के कई संघर्षों को समाप्त कराया है। उन्होंने कहा, 'मैंने टैरिफ की वजह से भारत-पाकिस्तान समेत दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए। मैंने बहुत सारे युद्ध रोके। हर कोई इसे स्वीकार करता है। आठ में से पांच युद्ध सिर्फ टैरिफ की वजह से रुके।'
पिछले साल हुए भारत-पाकिस्तान जंग को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों से कहा, 'अगर आप (भारत-पाकिस्तान) लड़ाई जारी रखते हैं, तो मैं आपके देश पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। यही बात मैंने दूसरे देश से भी कही। मैंने यह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ किया।'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान परमाणु संपन्न पड़ोसी राष्ट्र हैं। वे एक बड़े युद्ध के बिलकुल करीब पहुंच चुके थे। 11 विमान गिराए गए थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनकी भूमिका की सराहना की थी और कहा था कि जंग को रोककर कम से कम 3 करोड़ लोगों की जान बचाई।
आपको बता दें कि श्रीनगर के करीब 95 किमी दूर स्थित पहलगाम के बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने 26 लोगों को गोलियों से भून दिया था। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत ने पाकिस्तान 7 शहरों में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। भारत का दावा है कि इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी मारे गए। भारत द्वारा आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन सतर्क भारतीय सुरक्षाबलों ने इन हमलों को नाकाम कर दिया था।
डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव उनकी वजह से कम हुआ, हालांकि भारत सरकार ने इसे खारिज किया है। नई दिल्ली ने स्पष्ट रूप से दोहराया कि दोनों देशों के बीच सीजफायर डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMOs) के बीच द्विपक्षीय बातचीत के जरिए हुआ। इस युद्ध को रोकने में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं है।