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‘युद्ध और चुनाव दोनों में डोनाल्ड ट्रंप की हार, हम उन्हें फिर हराएंगे’, ईरान ने दी चेतावनी

Iran-US Conflict: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की मिडटर्म चुनाव में हार हुई है। इस हार पर ईरान ने तंज कसते हुए चेतावनी दी है।
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Updated: 4 Nov 2026, 5:32 PM IST
Gholam-Hossein Mohseni-Eje'i
गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई (Photo - ANI)

अमेरिका (United States of America) में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव (Midterm Election) के परिणाम सामने आ गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रिपब्लिकन पार्टी की हार हुई है। डेमोक्रेटिक पार्टी को शानदार जीत हासिल हुई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेन्टेटिव और सीनेट दोनों में ही डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत हासिल हो गया है। कुछ सीटों पर अभी भी गिनती पूरी नहीं हुई है, लेकिन तस्वीर साफ हो गई है। ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की हार में ईरान युद्ध (Iran War) को अहम वजह बताया। डेमोक्रेट्स इस जीत को 'अमेरिका की वापसी' बता रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी की इस हार को ट्रंप की बड़ी हार बताया जा रहा है। मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की हार पर ईरान की तरफ से भी तंज कसा जा रहा है।

"युद्ध और चुनाव दोनों में डोनाल्ड ट्रंप की हार"

ईरान के चीफ जस्टिस गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई (Gholam-Hossein Mohseni-Eje'i) ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद के बाद ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा, "ट्रंप को युद्ध और चुनाव/राजनीति दोनों में हार मिली है।" इसके साथ ही मोहसेनी-एजेई ने चेतावनी देते हुए कहा, "हम ट्रंप को फिर हराएंगे। यह तो अभी सिर्फ शुरुआती नतीजा है।"

शहीद छात्रों को किया नमन

मोहसेनी-एजेई ने अपने मैसेज में आगे कहा, "4 नवंबर का दिन अमेरिकियों के लिए हमेशा से हार का दिन रहा है। शहीद हुए सभी स्कूली और विश्वविद्यालय छात्रों, खासकर मिनाब के प्यारे शहीद छात्रों को हम नमन करते हैं।"

युद्ध को 'ना' कहने के अमेरिकियों के संदेश का किया समर्थन

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया जाहिर की है। गालिबफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "चाहे अंतरात्मा की आवाज़ हो या जीवन-यापन का सवाल, अमेरिकियों ने युद्ध को 'ना' कहा है और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं। अगर अमेरिकी सरकार अंतर्राष्ट्रीय आकाओं और ब्लैकमेलरों की सेवा करने के लिए अपनी जनता की इच्छा को धोखा देती है तो उसे पता चल जाएगा कि हमारे 'ना' के साथ एक डरावना सपना भी साथ आता है।"