US Blockade of Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी का आदेश तो दे दिया, लेकिन अब लगता है कि उनका यह प्लान फ्लॉप हो गया है। क्या है इसकी वजह? आइए नज़र डालते हैं।
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) में शांति-वार्ता का पहला दौर विफल रहा जिससे युद्ध के फिर शुरू होने का खतरा काफी बढ़ गया है। ईरान के परमाणु प्रोग्राम को बंद करने के समय पर दोनों देशों में सहमति नहीं बनी है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर उनकी नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी शुरू कर दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के तहत अमेरिकी नेवी ने ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले सभी जहाजों की आवाजाही बंद कर देगी। ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए दुनिया को ब्लैकमेल करने और अवैध टोल वसूलने का आरोप लगाया। इसी बीच अब ट्रंप के प्लान से जुड़ा एक हैरान करने वाला अपडेट आया है।
ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि उनकी नेवी किसी भी देश के जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने नहीं दिया जाएगा, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैकिंग से पता चला है कि पिछले 36 घंटे में करीब 20 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रे हैं। बताया जा रहा है कि ये जहाज ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट के मुख्य रास्ते के वैकल्पिक रास्तों के तौर पर तैयार किए गए मार्गों से ईरान की अनुमति लेते हुए होते हुए निकले। बताया जा रहा है कि इन जहाजों ने ईरान को टोल टैक्स भी चुकाया।
होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों में चीन (China) के जहाज भी शामिल हैं। चीन की नेवी के एडमिरल डोंग जुन (Dong Jun) ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने के ट्रंप के फैसले के बाद बयान देते हुए कहा, "हम विश्व में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मिडिल ईस्ट की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हमारे जहाज होर्मुज स्ट्रेट से लगातार आ-जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम उनका सम्मान करेंगे और अपेक्षा करते हैं कि अन्य देश हमारे मामलों में हस्तक्षेप न करें। ईरान होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करता है और यह हमारे लिए खुला है।"