Iran-US Israel War: ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के बारे में एक बड़ी बात कह दी है। क्या कहा अमेरिकी राष्ट्रपति ने? आइए नज़र डालते हैं।
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का आज 29वां दिन है। हालांकि अब अमेरिका और ईरान ने इस युद्ध को रोकने की कोशिशों की शुरुआत कर दी है, पर हमलों का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर हमले जारी हैं, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और मिडिल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। इसी बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बारे में एक बड़ी बात कह दी है।
ट्रंप ने फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट में बोलते हुए कहा, "हम इस बारे में समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं। अगर हम कुछ कर सके तो अच्छा होगा। लेकिन उन्हें 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' को खोलना होगा। मेरा मतलब है, होर्मुज स्ट्रेट। माफ कीजिए, मुझे खेद है। कितनी बड़ी गलती हो गई। फर्जी न्यूज़ कहेंगी कि ट्रंप ने गलती से कह दिया। मेरे साथ कोई गलती नहीं होती। ऐसा बहुत कम ही होता है।"
ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' बोलना गलती नहीं है। ऐसा कहना गलत होगा कि उनकी ज़ुबान फिसल गई, क्योंकि जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे की बात कही, उससे साफ है कि उन्होंने जानबूझकर होर्मुज स्ट्रेट को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहा। उनके इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह होर्मुज स्ट्रेट पर कब्ज़ा करना चाहते हैं? गौरतलब है कि वैश्विक तेल-गैस सप्लाई के लिए होर्मुज स्ट्रेट बेहद ही अहम है और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल है, जो ट्रंप को बिल्कुल भी पसंद नहीं है। हालांकि वह चाहते हुए भी इस बारे में कुछ नहीं कर सकते। युद्ध की शुरुआत में ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी नेवी होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए जहाजों को एस्कॉर्ट कर सकती है, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप का रुख बदल चुका है और उन्हें पता चल चुका है कि वह सैन्य ताकत के प्रयोग से भी इस पर कब्ज़ा नहीं कर सकते, लेकिन अपने बयान से उन्होंने अपने मन की बात ज़रूर बता दी।