
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के एक-दूसरे के ठिकानों पर हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इन हमलों की वजह से न सिर्फ दोनों देशों के बीच सीज़फायर खत्म हो गया है, बल्कि डील पर भी संशय बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि ईरान के साथ डील करना समय की बर्बादी है। इसके साथ ही ट्रंप ने एक बड़ा दावा भी किया है।
तुर्की (Turkey) की राजधानी अंकारा (Ankara) में आयोजित नाटो समिट (NATO Summit) के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने ईरान पर किए हमले को जायज़ ठहराते हुए दावा किया कि ईरान की किल लिस्ट में वह सबसे ऊपर हैं। ट्रंप ने कहा, "ईरान के पास कई नेता थे, जो मारे गए। फिर उनके पास नेताओं का एक और ग्रुप था, वो भी मारे गए। अब उनके पास नेताओं का एक और ग्रुप है। हो सकता है कि वो भी मारे जाए। और हो सकता है कि मैं भी मारा जाऊं, क्योंकि मैं उनका नंबर वन टारगेट हूं। यह बात हर जगह फैली हुई है। मैं उनका नंबर वन टारगेट इसलिए हूं क्योंकि वो घटिया लोग हैं। वो ऐसे ही काम करते हैं और पिछले 47 सालों से वो ऐसा ही करते आ रहे हैं। हालांकि मुझे सच में कोई परवाह नहीं है, क्योंकि मैं अपना काम कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि मैं इसे किसी भी दूसरे व्यक्ति से बेहतर तरीके से कर रहा हूं, क्योंकि हमारा देश बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और बहुत सफल है। लेकिन मैंने इसका ज़िक्र इसलिए किया क्योंकि यह लिस्ट में है। मुझे टिकटॉक पर नंबर वन होना ज़्यादा पसंद है, लेकिन मैं ईरान की किल लिस्ट में सबसे ऊपर नंबर वन पर हूं।"
ईरान के भूतपूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की युद्ध में मौत के बाद से ईरानी सरकार और सेना में गुस्सा है। वो उनकी मौत का बदला लेना चाहते हैं और कई बार इसकी धमकी भी दे चुके हैं। ऐसे में संभव है कि ट्रंप को मारने की कोशिश हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले भी ट्रंप को मारने की कोशिश की जा चुकी है।