
अमेरिका ने फिर बनाया ईरान को निशाना (File Photo)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) एक बार फिर अधर में नज़र आ रहा है। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया था कि ईरान ने उनकी लगभग सभी शर्तें मान की हैं, लेकिन अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की नौबत आ गई है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों पर आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) के हमले के बाद अमेरिका ने एक बार फिर ईरान में कई जगहों पर हमले किए। अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए ईरान ने भी कुवैत (Kuwait) और बहरीन (Bahrain) में अमेरिकी सैन्य समेत करीब 85 जगहों पर हमले किए।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने जानकारी दी है कि दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों में 8 ईरानी सैनिकों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार ईरानी सेना की एयरफोर्स और नेवी के सैनिक बंदर अब्बास और बुशहर में हुए अमेरिकी हमलों में मारे गए। अमेरिकी हमलों में कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर भीषण युद्ध छिड़ सकता है। हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया है कि फिलहाल इसकी संभावना नहीं है लेकिन ईरान से किसी भी तरह की डील तय नहीं है और आज की रात अमेरिकी सेना एक बार फिर ईरान पर हमले कर सकती है। ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य नाकेबंदी लगाने और ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्ज़ा करने की चेतावनी दी है। अमेरिकी हमले में दक्षिणी ईरान के रणनीतिक पोर्ट सिरिक पर हुए सैन्य हमले में समुद्री बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि बंदर अब्बास पोर्ट पर कोई नुकसान नहीं हुआ है। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वो चुप नहीं बैठेगा और अमेरिकी हमलों का करारा जवाब दिया जाएगा और क्षेत्र में अमेरिकी सेना का साथ देने वाले सभी देश निशाने पर हैं। इसी बीच ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है। हालांकि गल्फ देशों समेत कई देशों ने एक बार फिर सीज़फायर लागू करने पर जोर दिया है।
Updated on:
08 Jul 2026 11:21 pm
Published on:
08 Jul 2026 10:58 pm
