
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) 13-15 मई तक चीन (China) के दौरे रहे। 9 वर्षों में यह अमेरिकी राष्ट्रपति की पहला चीन दौरा था। इस दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से मुलाकात की और कई अहम विषयों पर चर्चा की। ट्रंप ने इस दौरान जिनपिंग को अमेरिका दौरे का निमंत्रण भी दिया और लगता है जिनपिंग ने इसे स्वीकार कर लिया है। चाइनीज़ राष्ट्रपति के अमेरिका दौरे के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बड़ा अपडेट दिया है।
ट्रंप ने जानकारी दी है कि जिनपिंग इसी साल सितंबर में अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। ट्रंप के अनुसार जिनपिंग सितंबर के अंत में अमेरिका का दौरा कर सकते हैं और उनके अनुसार 24 सितंबर को अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी में स्थित व्हाइट हाउस में दोनों की मुलाकात संभव है।
जिनपिंग आखिरी बार 14-17 नवंबर 2023 को अमेरिका गए थे। इस दौरान उन्होंने कैलिफोर्निया राज्य में सैन फ्रांसिस्को का दौरा किया। चाइनीज़ राष्ट्रपति का यह दौरा मुख्य रूप से एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन शिखर सम्मेलन और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए था।
ट्रंप के चीन दौरे के दौरान उनकी और जिनपिंग की कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने व्यापार असंतुलन, टैरिफ, व्यापार बढ़ाने, टेक्नोलॉजी, एआई, ताइवान मुद्दा, फेंटानिल, क्रिटिकल मिनरल्स, ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर बातचीत की। गौरतलब है कि उस समय ईरान युद्ध खत्म नहीं हुआ था। ट्रंप ने स्थिरता और आर्थिक लाभ पर जोर दिया। दोनों ने अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर रहने को ज़रूरी बताते हुए इसके लिए हर संभव प्रयास करने पर सहमति जताई। जिनपिंग से मीटिंग के बाद ट्रंप ने दावा किया कि चीन की तरफ से अब ईरान को हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों की सप्लाई नहीं की जाएगी। ट्रंप ने बताया कि जिनपिंग ने उन्हें इसका आश्वासन दिया। ट्रंप और जिनपिंग के बीच ईरान के तेल पर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने बताया कि जिनपिंग ने उनसे कहा कि अमेरिका के खिलाफ चीन कोई युद्ध नहीं लड़ रहा है, लेकिन ईरान से तेल खरीदना उनके लिए अहम है। जिनपिंग ने यह भी साफ कर दिया कि चीन ईरान से काफी ज़्यादा तेल खरीदता है और ऐसा करना जारी रखना चाहेगा।