इजराइली हमलों के बाद कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी सकते में अमेरिका पहुंचे हैं। उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात तय है, जहां मध्य पूर्व में शांति व रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। यह मुलाकात इमरजेंसी अरब समिट से ठीक पहले हो रही है, जिसमे कतर इजराइल के हमलों की निंदा कर चुका है। कतर, इजराइल-हमास युद्धविराम में मध्यस्थता की अपनी भूमिका जारी रखने का ऐलान कर चुका है।
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी इजराइली हमलों के कुछ ही दिन अमेरिका पहुंच गए हैं। आज वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ट्रंप न्यूयॉर्क में मुलाकात करेंगे।
इजराइल ने कुछ ही दिनों पहले दोहा में हवाई हमले किए थे, जिसमें हमास के नेताओं को निशाना बनाया गया था। स्थानीय मीडिया के हवाले से यह खबर सामने आई थी।
बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच न्यूयॉर्क में होने वाली बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल हो सकते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एनबीसी न्यूज के हवाले से बताया कि कतर के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की थी। तीनों नेताओं के बीच लगभग एक घंटे बातचीत चली।
व्हाइट हाउस में हुई बैठक को 'काफी सकारात्मक' बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने में कतर की भूमिका और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समझौते पर चर्चा की।
एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी साथ में डिनर भी करेंगे, जिसमें ट्रंप के एक शीर्ष सलाहकार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी मंगलवार को हुए इजराइली हमले के बाद कतर की ओर से बुलाई गई इमरजेंसी अरब समिट से ठीक पहले अमेरिका दौरे पर गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें हमले के स्थान को लेकर बहुत दुख हुआ है और उन्होंने फोन पर कतर के नेताओं को आश्वासन दिया कि ऐसी घटना दोबारा उनके देश की जमीन पर नहीं होगी।
कतर ने इजराइल पर शांति की संभावनाओं को तोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। कतर ने कहा कि वह इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका से पीछे नहीं हटेगा।