11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

76 लाख कप कॉफी, 20 लाख एनर्जी ड्रिंक और लाखों पैकेट खाना, जानें 6 हफ्ते युद्ध अमेरिकी सैनिकों ने कितना खाया-पिया

Iran War: मिडिल ईस्ट में सीजफायर के बावजूद तनाव जारी है। 6 हफ्तों के ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिकों ने 76 लाख कप कॉफी और लाखों एनर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल किया। ये आंकड़े जंग के दबाव और कठिन हालात में सैनिकों की मानसिक व शारीरिक चुनौतियों को उजागर करते हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Anurag Animesh

Apr 11, 2026

Iran Israel America War

Iran Israel America War(AI Image-ChatGpt)

Iran Israel America War: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में कुछ दिनों के लिए सीजफायर हो चूका है। मिडिल ईस्ट में पिछले करीब 40 दिनों से जारी तनाव भले ही अब थम गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी उतनी ही पेचीदा बनी हुई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हुआ सीजफायर फिलहाल राहत की सांस तो देता है, मगर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं कहे जा सकते। लेबनान में हमलों की खबरें अब भी सामने आ रही हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम इलाकों में तनाव जस का तस बना हुआ है। सभी स्टेक होल्डर पाकिस्तान में मीटिंग करने जा रहे हैं।

जानें डिटेल्स


इसी तनाव भरे माहौल के बीच एक दिलचस्प लेकिन चौंकाने वाला डेटा सामने आया है। 8 अप्रैल 2026 को पेंटागन में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ से जुड़े आंकड़े शेयर किए गए। ये आंकड़े सिर्फ सैन्य गतिविधियों की नहीं, बल्कि सैनिकों की मानसिक और शारीरिक स्थिति की भी झलक देते हैं। बताया गया कि करीब 6 हफ्तों तक चले इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने 60 लाख से ज्यादा मील्स खाए। लेकिन जो आंकड़ा सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है, वह है कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स की खपत। सैनिकों ने इस दौरान करीब 9.5 लाख गैलन कॉफी पी डाली। यह करीब 76 लाख कप कॉफी के बराबर है। इसके अलावा 20 लाख से ज्यादा एनर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल हुआ और निकोटीन का भी भरपूर सेवन किया गया।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या?


इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान इस शांति को और अस्थिर बना देता है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि अमेरिकी सैनिक अभी भी अपने ठिकानों पर तैनात हैं और हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उनका कहना था कि बस एक आदेश की देर है, और संघर्ष दोबारा भड़क सकता है। ऐसे में सबसे ज्यादा दबाव उन सैनिकों पर है, जो अपने घरों से हजारों किलोमीटर दूर, अनिश्चित और खतरनाक माहौल में डटे हुए हैं।

ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं हैं, बल्कि उस दबाव और थकान की कहानी कहते हैं, जिससे सैनिक हर दिन गुजर रहे हैं। लगातार सतर्क रहना, नींद की कमी, हर पल खतरे का एहसास। ऐसे माहौल में कैफीन उनके लिए किसी ईंधन की तरह काम कर रहा है।