
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- AI)
Iran-Israel War: एक तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान के वर्ताकारों से सीजफायर के मुद्दे पर बात करेंगे। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है। अमेरिका कूटनीतिक कोशिश के साथ-साथ मध्य एशिया में अपना सैन्य बेड़ा मजबूत कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश एयरक्राफ्ट कैरियर को मिडिल ईस्ट को रवाना किया है। यह एयरक्राफ्ट कैरियर तेजी से अटलांटिक महासागर को पार कर रहा है। वह जल्द ही मध्य एशिया में दाखिल हो सकता है। इसके साथ ही, प्रशांत महासागर से 'यूएसएस बॉक्सर' और 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी खाड़ी देशों की तरफ बढ़ रहे हैं। इन्हें वहां पहुंचने में करीब एक हफ्ते का समय लगेगा।
मध्य पूर्व के देश कतर में अमेरिका का सेंट्रल कमांड सेंटकॉम है। सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत व अन्य देशों में करीब 40 हजार अमेरिकी सैनिक रहते हैं, लेकिन बीते कुछ समय में अमेरिका ने यहां अपनी सेना बढ़ाई है। अब सैनिकों की संख्या 50 हजार पार कर गई है। इसके अलावा 2500 मरीन व 2500 नौ सैनिक भी डेरा डाले हुए हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। जेडी वेंस सबसे पहला कार्यक्रम पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात करने का है। इसके बाद बातचीत का कार्यक्रम शुरू होगा। दोनों देशों की ओर से कई नेता और अधिकारी इस वार्ता में शामिल हो रहे हैं।
तय कार्यक्रम के अनुसार, जेडी वेंस सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद ही असली बातचीत शुरू होगी, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर चर्चा होगी। शहबाज शरीफ ने खुद इस बैठक को बेहद निर्णायक बताया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक और बातचीत नहीं, बल्कि एक ऐसा मौका है जो या तो स्थायी शांति की राह खोल सकता है या फिर हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह 'मेक-ऑर-ब्रेक पल है। यानी या तो अब बात बन जाएगी, या फिर आने वाले समय में हालात और जटिल हो सकते हैं। मिडिल ईस्ट की शांति काफी हद तक इसी बैठक के नतीजों पर टिकी मानी जा रही है।
Updated on:
11 Apr 2026 01:07 pm
Published on:
11 Apr 2026 11:38 am
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