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Iran-Israel War: पाकिस्तान जा रहे JD वेंस, अमेरिका से ही ईरान को दे दिया बड़ा संदेश, कहा- ‘कोई चालाकी नहीं चलेगी’

JD Vance in Pakistan: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने अमेरिका से निकलने से पहले ईरान को साफ चेतावनी दे दी।

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस। (Photo-IANS)

USA Ceasefire Talk with Iran: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ सीजफायर को लेकर होने वाली बातचीत के लिए पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए। रवाना होने से पहले जेडी ने कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका खुले दिल से आगे बढ़ने को तैयार है, लेकिन किसी भी तरह के धोखे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वेंस ने कहा कि हम बातचीत को लेकर आशान्वित हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक रहेगी।

उन्होंने कहा कि अमेरिका का रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान कितनी रचनात्मकता के साथ वार्ता में शामिल होता है। उन्होंने अपने बयान को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के अनुरूप बताया।

'ईरान कोई भी चालाकी न करे'

वेंस ने आगे कहा कि जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत के लिए तैयार है, तो हम भी सकारात्मक पहल के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर वे हमारे साथ कोई भी चालाकी करते हैं तो हमारी टीम उतनी सहज नहीं होगी। उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन एक स्पष्ट रणनीति के साथ बातचीत में शामिल हो रहा है और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहा है।

'दो हफ्तों का युद्ध विराम लागू'

हालांकि, वेंस के पाकिस्तान दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। जिससे यात्रा के कई पहलू स्पष्ट नहीं हैं। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है। वेंस के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका एक साथ संवाद और दबाव-दोनों रणनीतियों पर काम कर रहा है।

भारत भी घटना पर बनाए हुए है करीबी नजर

भारत भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान वार्ता में किसी भी तरह की प्रगति या विफलता का असर तेल की कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर पड़ सकता है।

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले भी कई बार बातचीत की कोशिशें हुई हैं, लेकिन आपसी अविश्वास और रणनीतिक मतभेदों के कारण ठोस नतीजे नहीं निकल पाए हैं। मौजूदा वार्ता को भी इसी दिशा में एक अहम परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।