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Tariff war से पाकिस्तान और बांग्लादेश हो सकते हैं दिवालिया, Donald Trump ने दिया दोनों को बड़ा झटका

Donald Trump new tariff policy 2025: पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए बुरी खबर है। अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद और ढाका को बहुत बड़ा झटका दिया है। इस कारण अब दोनों देश दिवालिया हो सकते हैं।

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Apr 03, 2025
Trump Shahbaz and Yunus

Donald Trump new tariff policy 2025: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के पोस्टर के मुताबिक पाकिस्तान (Pakistan) अमेरिका पर 58% टैरिफ लगाता है। इसके जवाब में अमेरिका ने 29% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। वहीं बांग्लादेश (Bangladesh) अमेरिकी सामान पर 74 प्रतिशत टैरिफ लगाता है। अमेरिका ने उस पर 37 फीसद टैरिफ (tariffs) लगाने की घोषणा की है।

ट्रंप ने टैरिफ लगाने की घोषणा को 'मुक्ति दिवस' का नाम दिया

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नए टैरिफ की घोषणा की है। इससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। ट्रंप ने टैरिफ लगाने की घोषणा को 'मुक्ति दिवस' का नाम दिया। यह टैरिफ 9 अप्रैल, 2025 से लागू होगा। इसके तहत सभी आयातों पर पहले से घोषित 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ भी प्रभावी रहेगा।

दोनों देशों पर लगाए गए टैरिफ भारत पर लगाए गए टैरिफ से ज़्यादा

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। हालांकि, भारत से ज़्यादा पाकिस्तान और बांग्लादेश को इसका बड़ा झटका लगा है। लेकिन दोनों देशों पर लगाए गए टैरिफ भारत पर लगाए गए टैरिफ से ज़्यादा हैं। ट्रंप के पोस्टर के मुताबिक, पाकिस्तान अमेरिका पर 58% टैरिफ लगाता है। इसके जवाब में अमेरिका ने 29% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। वहीं बांग्लादेश अमेरिकी सामानों पर 74% टैरिफ लगाता है। अमेरिका ने उस पर 37% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।

पाकिस्तान पर लगा टैरिफ उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा ख़तरा

बहरहाल अमेरिका की ओर से पाकिस्तान पर लगाया गया यह टैरिफ न केवल भारत से 3% ज़्यादा है, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत बड़ा ख़तरा बन सकता है। क्योंकि पाकिस्तान का कपड़ा उद्योग अपने निर्यात का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका भेजता है। वह पहले से ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा और घरेलू संकट से जूझ रहा है। दूसरी ओर, बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ उसका रेडिमेड गारमेंट उद्योग अमेरिका को लगभग 49,800 करोड़ रुपये का निर्यात करता है, इस नीति से बुरी तरह प्रभावित होगा। दोनों देश पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उसके लिए भी यह टैरिफ न केवल व्यापार घाटा बढ़ाएगा, बल्कि रोज़गार और विदेशी मुद्रा भंडार भी कम करेगा।

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