
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच अभी तक शांति समझौता नहीं हुआ है। इसी बीच ईरान ने पाकिस्तान (Pakistan) के माध्यम से अमेरिका को नया शांति प्रस्ताव भेजा है जिससे युद्ध का स्थायी अंत हो सके। इस शांति प्रस्ताव के अनुसार अब होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के मामले पर एक साथ बातचीत का प्रस्ताव है, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट को खोलने, अमेरिकी नाकेबंदी हटाने और कोई हमला न करने की गारंटी पर सहमति बनेगी। इसके अलावा ईरान परमाणु मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार रहेगा, जिसके बदले में अमेरिका को प्रतिबंधों से राहत देनी होगी। ईरान इसके लिए पाकिस्तान में दूसरे दौर की शांति-वार्ता चाहता है।
ईरान के इस नए प्रस्ताव से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) नाखुश हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने खुद ही यह बात कही। उन्होंने ईरान के नए शांति प्रस्ताव के प्रति असुंतष्टि जताते हुए इसे अपर्याप्त बताया और कहा कि ईरान ऐसी चीज़ों की मांग कर रहा है जिनके लिए वह सहमत नहीं हो सकते। ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना उनकी मुख्य शर्त है।
ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान पर बमबारी करने की धमकी दी है। ट्रंप ने सीज़फायर के बाद कई मौकों पर कहा है कि वह फिर से युद्ध शुरू नहीं करना चाहते, लेकिन अगर ईरान नहीं माना, तो उनके पास युद्ध फिर से शुरू करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा। गौरतलब है कि गुरुवार को वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की ट्रंप के साथ हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसके दौरान सैन्य ब्रीफिंग भी आयोजित की गई थी। करीब 45 मिनट तक चली इस मीटिंग के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की संभावना से जुड़े प्लान के बारे में बताया। इस मीटिंग के दौरान ईरान के खिलाफ संभावित रणनीतियों पर डिटेल में चर्चा हुई।