Donald Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को साफ लहजे में कहा है कि वह जल्द ही गंभीर हो जाए, वरना अंजाम बुरा होगा। यह बयान उनके 5 दिन के हमले टालने के फैसले के ठीक बाद आया है।
Israel Iran War: इजरायल-ईरान संघर्ष थमने को नाम नहीं ले रहा है। जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार धमकी दे रहा है। ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिका द्वारा दिए गए 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान ने खारिज कर दिया है, जिसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, 'ईरानी बातचीत करने वाले बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे डील करने की भीख मांग रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि वे मिलिट्री तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। फिर भी वे कहते हैं कि वे सिर्फ प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। गलत!!! उन्हें जल्द ही सीरियस हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। एक बार ऐसा हो गया तो फिर पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं होगा और यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा।'
आपको बता दें कि ईरान ने बुधवार को अमेरिकी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और इजरायल तथा खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए। इन हमलों में कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमला हुआ, जिससे वहां भीषण आग लग गई। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह खुद चाहेगा और उसकी शर्तें पूरी होंगी। ईरान ने अपने जोरदार हमले जारी रखने की घोषणा की है।
अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को सौंपा गया था। इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना, मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को ईरान के समर्थन पर रोक लगाना शामिल है। होर्मुज जलमार्ग दुनिया के 20 प्रतिशत तेल निर्यात का महत्वपूर्ण रास्ता है, जिसे बंद करने की धमकी ईरान पहले दे चुका है।
ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स और अधिक मरीन सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले जारी रखे हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया है। ईरान के IRGC नेवी चीफ तंग्सिरी की मौत भी इस संघर्ष में हो चुकी है।
ट्रंप ने ईरान को सैन्य रूप से कमजोर बताते हुए कहा कि वे डील चाहते हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं कर रहे। अमेरिकी प्रस्ताव में परमाणु हथियार कार्यक्रम बंद करने, मिसाइल क्षमता सीमित करने और प्रॉक्सी समूहों से समर्थन वापस लेने जैसी शर्तें हैं। ईरान ने इन शर्तों को ठुकराते हुए अपनी शर्तों पर जोर दिया है।