
दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार एलन मस्क को एक अमरीकी कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने एलन मस्क को उनकी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला से मिलने वाले भारी-भरकम हजारों करोड़ रुपए के पैकेज पर आपत्ति जताई है। कोर्ट की राय में मस्क अपनी कंपनी से 4.6 लाख करोड़ (56 अरब डॉलर) लेने के हकदार नहीं हैं। मस्क के पैकेज पर सुनवाई करते हुए डेलावेयर की एक अदालत ने कहा, मस्क ने ने टेस्ला में अपने वेतन-भुगतान को प्रभावित किया है। अदालत के अनुसार, मस्क के पैकेज में खामियां हैं। कंपनी की ओर से पैकेज पर नेगोशिएट करने वाले लोगों के साथ मस्क के गहरे संबंध हैं। इस तरह उन्होंने पैकेज के टर्म्स को अपने हिसाब से डिक्टेट किया और भारी-भरकम पैकेज को बोर्ड से मंजूर कराया। यह कंपनी के हित में नहीं है।
कोर्ट में शेयरहोल्डर के वकील ने कहा कि कंपनी ने एलन का पैकेज डिसाइड करने से पहले एक दिखावटी नेगोशिएशन किया। इसके लिए किसी भी शेयर होल्डर से कंपनी बोर्ड ने सलाह नहीं ली। वकील ने कहा कि टेस्ला ने शेयर होल्डर्स को गुमराह किया है।
पैकेज से ज्यादा सिर्फ 26 लोगों की दौलत
टेस्ला के बोर्ड ने एलन मस्क के नए पैकेज को मंजूरी दी थी। एलन मस्क का यह पैकेज 55 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा का है। भारतीय करेंसी में यह रकम 4.65 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो जाता है। यह पैकेज कितना भारी-भरकम है, उसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि दुनिया भर में गिने-चुने लोग ही इससे ज्यादा की दौलत रखते हैं। फोर्ब्स की रियलटाइम बिलेनियर्स लिस्ट के अनुसार, अभी दुनिया में सिर्फ 26 लोग ऐसे हैं, जिनकी कुल नेटवर्थ 45 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। भारत में तो सिर्फ मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की ही पूरी दौलत इस आंकड़े से ज्यादा है।
अदालत के फैसले पर मस्क का रिएक्शन
मस्क ने अदालत के इस आदेश के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्ट किया- कभी भी डेलावेयर स्टेट में अपनी कंपनी नहीं बनाएं। अगर आप चाहते हैं कि कंपनी के मामलों पर शेयरहोल्डर निर्णय लें तो मैं नेवाडा या टेक्सास में कंपनी बनाने का सुझाव देता हूं।
मस्क ने कंपनी से रख दी अब ये डिमांड
एलन मस्क ईवी कंपनी टेस्ला के फाउंडर हैं। अभी कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 13 फीसदी है। हाल ही में मस्क ने टेस्ला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की डिमांड की है। उन्होंने कंपनी के बोर्ड को अपने लिए नया कंपनसेशन पैकेज तैयार करने के लिए कहा है, जिसमें उनकी हिस्सेदारी बढ़ाई जाए।