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कोविड वैक्सीन की वजह से हजारों की मौत, एलन मस्क ने किया दावे का समर्थन, कहा- ‘मुझे लगा मैं मर रहा हूं’

एलन मस्क (Elon Musk) ने इस दावे का समर्थन किया है कि कोविड वैक्सीन (Covid vaccine) ने हजारों लोगों की जान ली है। हाल ही में पूर्व फाइजर वैज्ञानिक ने यह दावा किया था।

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Apr 13, 2026
Elon Musk(Image-ANI)

कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन वैक्सीन को लेकर बहस अभी भी खत्म नहीं हुई है। अलग-अलग देशों में वैज्ञानिक शोध जारी हैं और समय-समय पर नए दावे सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में अब टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) का एक नया दावा सामने आया है जिसने इस वैक्सीन को फिर से सवालों के घेरे में ला दिया है। मस्क ने पूर्व फाइजर वैज्ञानिक के उस दावे का समर्थन किया है जिसमें उसने कहा था कि इस वैक्सीन ने हजारों लोगों की जानें ली है। इस बयान ने वैश्विक स्तर पर वैक्सीन की सुरक्षा, नियामक प्रक्रिया और वैज्ञानिक विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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एलन मस्क ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट को रिशेयर करते हुए लिखा कि वैक्सीन के डोज सच में बहुत ज्यादा थे और इन्हें बहुत बार दिया गया था। मस्क ने आगे लिखा कि मुझे वैक्सीन आने से पहले कोविड का शुरुआती वुहान वेरिएंट हुआ था, जो सामान्य फ्लू जैसा था। वह बुरा था लेकिन इतना भयानक नहीं था। लेकिन वैक्सीन के दूसरे डोज ने मुझे लगभग अस्पताल ही पहुंचा दिया था। मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मेरी जान निकल रही हो। मस्क का यह पोस्ट सामने आने के बाद से तेजी से वायरल हो रहा है और इसके चलते वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स को लेकर नई बहस शुरू हो गई। बता दें कि मस्क ने पहले भी अनिवार्य वैक्सीनेशन नीतियों का विरोध किया था और कहा था कि वे ऐसी पॉलिसी लागू करने से बेहतर जेल जाना पसंद करेंगे।

वैज्ञानिक के दावे के बाद शुरू हुआ विवाद

बता दें कि यह विवाद हेलमुट स्टर्ज नामक पूर्व टॉक्सिकोलॉजिस्ट के बयान के बाद शुरू हुआ है। स्टर्ज ने फाइजर और रोश जैसी कंपनियों में काम किया है। उन्होंने जर्मन संसद की एक सुनवाई में दावा किया कि फाइजर-बायोएनटेक की mRNA वैक्सीन को मंजूरी देने से पहले जरूरी प्रीक्लिनिकल स्टडीज पूरी तरह नहीं की गईं। स्टर्ज ने कहा कि महामारी के दौरान तेजी से वैक्सीन विकसित करने के कारण कुछ दीर्घकालिक जोखिमों, जैसे कार्सिनोजेनिक प्रभाव, पर पूरी तरह अध्ययन नहीं हो पाया। उनका दावा था कि उस समय वैश्विक दबाव बहुत ज्यादा था, जिससे रिसर्च प्रक्रिया पर असर पड़ा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मुख्यधारा के वैज्ञानिक संस्थान अभी भी वैक्सीन को सुरक्षित मानते हैं।

अमेरिकी नेता ने किया मस्क का समर्थन

मस्क के वैक्सीन के दुष्प्रभाव वाले इस बयान का अमेरिकी नेता मार्जोरी टेलर ग्रीन ने भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कई लोग वैक्सीन से प्रभावित हुए हैं और इसकी अनुमति वापस ली जानी चाहिए। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक पॉडकास्ट में कहा कि देश में वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है। इन बयानों ने सार्वजनिक बहस को और तेज कर दिया है।

Updated on:
13 Apr 2026 02:22 pm
Published on:
13 Apr 2026 12:53 pm
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