
इज़रायल-हमास युद्ध (Israel-Hamas War) 3 साल से भी ज़्यादा समय से जारी है। कुछ मौकों पर सीज़फायर ज़रूर हुआ, लेकिन युद्ध का स्थायी अंत नहीं हो सका। इज़रायली सेना की गाज़ा (Gaza) में सैन्य कार्रवाई रुकने का नाम नहीं ले रही है। हमास को खत्म करने के लिए इज़रायली सेना लगातार हमले कर रही हैं और इन हमलों में कई आतंकी मारे भी जा रहे हैं। अब हमास के खिलाफ इज़रायली सेना को एक बार फिर कामयाबी मिली है।
इज़रायली सेना ने हमास के 4 खूंखार आतंकियों को ढेर कर दिया है। मारे गए आतंकियों की पहचान वाएल नाइफ फहमी मुस्लिम, अराफात कमाल मुहम्मद अरैर, मोहन्नद नादेर महमूद दहदोह और नबील हमद के रूप में हुई है। वाएल हमास के नुखबा आतंकी था, जो 7 अक्टूबर के नरसंहार के दौरान इज़रायल में घुस आया था। अराफात रॉकेट यूनिट का स्क्वाड कमांडर था। मोहम्मद स्नाइपर कमांडर था। नबील हमास के भर्ती तंत्र में विभाग प्रमुख था।
इज़रायली सेना ने जानकारी दी कि पूरे युद्ध के दौरान और खासकर हाल ही के दिनों में इन आतंकियों ने इज़रायली नागरिकों और सैनिकों पर हमले तेज़ कर दिए थे। साथ ही ये आतंकी युद्धविराम का व्यवस्थित रूप से उल्लंघन करते हुए हमास की क्षमताओं को बहाल करने के लिए भी काम कर रहे थे। इन आतंकियों से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करने के लिए अलग-अलग हमलों में इन्हें मार गिराया गया।
गाज़ा में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य आतंकी संगठन हमास का खात्मा या सरेंडर है। इज़रायल चाहता है कि हमास घुटने टेक दे या उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए और जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक गाज़ा में इज़रायल सेना की कार्रवाई जारी रहेगी। हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण के बाद ही इज़रायली सेना गाज़ा से हटेगी। हमास ने इज़रायल पर 7 अक्टूबर 2023 को घातक आतंकी हमला किया था, जिसके बाद इज़रायल ने हमास के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। हमास के पास कई रॉकेट्स, भूमिगत सुरंगें (टनल नेटवर्क), हथियार भंडार और प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिन्हें इज़रायल पूरी तरह खत्म करना चाहता है। अभी तक की सैन्य कार्रवाई में इज़रायल ने हमास की सैन्य क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है, लेकिन इसका पूरी तरह अंत नहीं हुआ है और इसी के अंत के लिए इज़रायली सेना के हमले जारी हैं।