
French President Emmanuel Macron: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा सिर्फ कूटनीतिक चर्चाओं और समझौतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरे ने भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते रिश्तों की एक भावनात्मक झलक भी दुनिया को दिखाई। यात्रा के समापन पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जिस अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी को विदाई दी, उसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मैक्रों ने एक वीडियो मैसेज के जरिए हिंदी में प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया। उन्होंने कहा, 'प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है, दौरे के लिए स्वागत करते, फ्रांस-भारत की दोस्ती अमर रहे।' हिंदी में यह मैसेज देने के बाद मैक्रों मुस्कुराए और मजाकिया अंदाज में बोले कि उन्हें उम्मीद है कि उन्होंने इसे सही कहा होगा।
इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में भी अपना मैसेज जारी रखा। मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को बेहद सफल और उपयोगी बताया। उन्होंने भारत और फ्रांस की मित्रता को मजबूत बताते हुए कहा कि फ्रांस जल्द ही फरवरी में एक बार फिर मोदी का स्वागत करने की उम्मीद कर रहा है। अपने संदेश का समापन उन्होंने 'जय हिंद' के साथ किया।
इससे पहले 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान भी मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर सराहना की। उन्होंने मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाला प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक नेता की सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और जनता के विश्वास का भी प्रतीक है। आपको बता दें कि 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे किए। इसके साथ ही उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। नेहरू ने 1952 से 1964 के बीच 4,398 दिनों तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था।
मैक्रों ने अपने संबोधन में भारत की इनोवेशन क्षमता और टेक्नोलॉजी प्रगति की भी भरपूर प्रशंसा की। उनका कहना था कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी और विशाल प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट तैयार हो रहे हैं, जो देश को वैश्विक स्तर पर इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत आज रिसर्च, विज्ञान और नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, 1.4 अरब की आबादी वाला भारत दुनिया को नए समाधान देने की क्षमता रखता है और भविष्य की टेक्नोलॉजी क्रांति में अहम भूमिका निभा सकता है।