
यूक्रेन हमले के बाद रूस में तबाही। (फोटो- IANS)
रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है। इसमें हमले में मॉस्को के कपोतन्या तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जहां भयंकर आग लग गई है।
हमले से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें देखने पर पता चलता है कि धमाका इतना तेज था कि एक स्टोरेज टैंक का बड़ा ढक्कन आसमान में उड़ गया। इस घटना के बाद आसमान में काला धुआं छा गया और पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, सैकड़ों ड्रोन (कुछ रिपोर्ट्स में 500 से ज्यादा) मॉस्को की तरफ आए। मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि एयर डिफेंस ने ज्यादातर को मार गिराया, लेकिन कुछ रिफाइनरी तक पहुंच गए। यह रिफाइनरी मॉस्को इलाके को 30-40 प्रतिशत ईंधन सप्लाई करती है और क्रेमलिन से सिर्फ 15-16 किलोमीटर दूर है।
हमले के बाद रिफाइनरी में जोरदार आग लगी। वीडियो में लपटें और काला धुआं साफ दिख रहा है। आग अभी भी नहीं बुझ पाई है। मंगलवार को भी इसी जगह पर हमला हुआ था, लेकिन गुरुवार का हमला ज्यादा तेज था।
इसके अलावा, मॉस्को के चारों बड़े एयरपोर्ट शेरेमेत्येवो, वनुकोवो, डोमोडेदोवो और झुकोवस्की पर उड़ानें रोक दी गईं हैं। शेरेमेत्येवो एयरपोर्ट को खाली भी कराया गया।
हालांकि कुछ देर बाद उड़ानें फिर शुरू हुईं, लेकिन स्थिति अब तक तनावपूर्ण है। मॉस्को शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ठप है, कुछ इलाकों में मलबा गिरा है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे रूसी हमलों का सही जवाब बताया है। यूक्रेन कह रहा है कि ये हमले रूस की तेल इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचाने के लिए हैं, जो युद्ध का पैसा कमाकर देती है।
हाल के हफ्तों में रूस की कई रिफाइनरियों पर ऐसे हमले बढ़े हैं। ऐसे में रिफाइनरी का काम प्रभावित होने से मॉस्को इलाके में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है। रूस पहले से ही ऐसे हमलों से जूझ रहा है। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कमी की खबरें भी आई हैं।
उधर, रूस का दावा है कि उसकी एयर डिफेंस मजबूत है, लेकिन यूक्रेन के ड्रोन अब राजधानी तक आसानी से पहुंच रहे हैं। ये हमला पूरे युद्ध में मॉस्को पर यूक्रेन का सबसे बड़ा एयर हमला माना जा रहा है।
दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई जारी है। फिलहाल आग बुझाने के प्रयास चल रहे हैं और आगे क्या होता है, इस पर सबकी नजर है। इस घटना से युद्ध की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
Published on:
18 Jun 2026 09:49 pm
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