
Israel Palestine Conflict: गाजा पट्टी के इलाकों में पतंग और ड्रोन उड़ाने को लेकर इजराइल ने नाराजगी जताई है। गाजा पट्टी के कुछ हिस्से जहां पतंगें उड़ाई गईं वहां से फिलिस्तीनियों को इजराइल ने निष्कासित करने की धमकी दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस बारे में एक संयुक्त चेतावनी भी जारी की है। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल की इस धमकी की निंदा की है।
जानकारी के अनुसार, इजराइल के कब्जे वाले गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों में बच्चे इजराइल की दिशा की ओर पतंग उड़ा रहे थे, जिसका इजराइल ने सख्त विरोध किया। इसके बाद इजराइल ने गाजा पट्टी के उन इलाकों से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने की धमकी दी।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज ने एक संयुक्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सेना उन क्षेत्रों से आबादी को निकालेगी, जहां से इजराइल की ओर पतंग, ड्रोन या गुब्बारे छोड़े जा रहे हैं। यह विवाद गाजा में सीजफायर के बीच सामने आया है, जो इजराइली हमलों को रोकने में नाकाम रहा है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर में समझौता लागू होने के बाद से 1,280 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है।
संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल द्वारा गाजा पट्टी के उन हिस्सों से फिलिस्तीनियों को निष्कासित करने की धमकी की निंदा की है, जहां बच्चे पतंग उड़ा रहे थे। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रविना शामदासानी ने इस धमकी को "बेहद निंदनीय" बताया और इजराइली नेताओं की "अस्वीकार्य बयानबाजी" की आलोचना की।
गाजा में हमास के साथ समन्वय कर रही समितियों ने माता-पिता से अपने बच्चों को पतंग उड़ाने से रोकने का आग्रह किया, ताकि उन्हें संभावित सैन्य कार्रवाई से बचाया जा सके। वहीं, हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासेम नईम ने इजराइल की चेतावनी को खारिज करते हुए कहा कि इजराइल निर्दोष बच्चों की गतिविधियों को सशस्त्र संघर्ष के रूप में गलत तरीके से पेश कर रहा है।
नईम ने कहा कि युद्ध अपराधी नेतन्याहू को खुश करने की कोशिशों के कारण मासूम बच्चों की गतिविधियों को हथियारबंद गतिविधियां बताया जा रहा है, जबकि नेतन्याहू समझौते के बावजूद रोजाना हत्याएं और तबाही मचा रहे हैं।