Global Energy Crisis: यूएई (UAE) ने दक्षिण कोरिया को क्रूड ऑयल (crude oil ) सप्लाई में सर्वोच्च प्राथमिकता देने का ऐलान किया है। 24 मिलियन बैरल तेल का समझौता ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और वैश्विक बाजार पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
Global Energy Crisis: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच तेल सप्लाई को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को अस्थिर बना दिया है। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दक्षिण कोरिया (South Korea) को क्रूड ऑयल सप्लाई में सर्वोच्च प्राथमिकता देने का ऐलान किया है, जिससे कोरिया की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी राहत मिली है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के शीर्ष सहयोगी कांग हून सिक ने जानकारी दी कि यूएई ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि किसी अन्य देश को कोरिया से पहले तेल नहीं दिया जाएगा। इस समझौते के तहत दक्षिण कोरिया को कुल 24 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल मिलेगा, जिसमें पहले से तय 6 मिलियन बैरल भी शामिल हैं। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों को सप्लाई चेन में बाधा का डर सता रहा है।
यूएई का यह कदम वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में मदद कर सकता है, लेकिन इससे अन्य देशों पर दबाव भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर दी जाने लगी, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा और कीमतों में उतार चढ़ाव बढ़ सकता है। साथ ही, यह कदम उन देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है जो पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं। इस फैसले से एशिया क्षेत्र में ऊर्जा संतुलन पर भी असर पड़ने की संभावना है।
मध्य पूर्व में बढ़ते खतरे को देखते हुए दक्षिण कोरिया ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर भी ध्यान केंद्रित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूएई में रह रहे लगभग 3500 दक्षिण कोरियाई नागरिकों में से 3000 सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। इसके अलावा, कोरिया सरकार ने जापान, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों का आभार जताया है, जिन्होंने निकासी अभियान में सहयोग किया। यह कूटनीतिक तालमेल क्षेत्रीय संकट के दौरान सहयोग की एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।