
Government hangs by thread : बांग्लादेश में नए दौर की झड़पों के बाद कम से कम 72 लोग मारे गए। पुलिस ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना की सरकार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
सविनय अवज्ञा आंदोलन के सिलसिले में रविवार को बांग्लादेश के विभिन्न शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों में पुलिस के साथ झड़प में इन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है, जबकि एक बार फिर कर्फ्यू की घोषणा की गई है। आज शाम से इस मामले पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजिद ने अपने बयान में कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्र नहीं,आतंकवादी हैं। शेख हसीना वाजिद ने अपने देशवासियों से कथित आतंकवादियों को कुचलने की अपील की।
बांग्लादेश सरकार ने रविवार शाम 6 बजे से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू की घोषणा की है, पिछले महीने शुरू हुए मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के दौरान पहली बार उसने ऐसा कदम उठाया है। बांग्लादेश में भारतीय अधिकारियों ने अस्थिर स्थिति को देखते हुए नागरिकों से "सतर्क रहने" को कहा है।
ध्यान रहे कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजिद ने सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने वाले छात्रों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। बांग्लादेश में छात्रों ने अपने गिरफ्तार साथियों की रिहाई और अन्य मांगों को लेकर सरकार का रुख किया, हालाँकि, जब उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो छात्रों ने देशव्यापी सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने की घोषणा की और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की माँग की है।