
यमन (Yemen) में हालात काफी बिगड़ गए हैं। हूती विद्रोहियों (Houthis) और देश की सरकारी सेना के बीच चल रही जंग बढ़ती ही जा रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के कब्ज़े वाले इलाकों पर हमले कर रहे हैं, जिससे जान-माल का काफी नुकसान हो रहा है। दोनों पक्षों के बीच चल रही यह जंग फिलहाल रूकती हुई नज़र नहीं आ रही है, क्योंकि हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अब आज लाहज प्रांत के अल-मोदारीबाह में अल-सुक्या मेडिकल सेंटर पर हुए हूती विद्रोहियों ने हमला कर दिया है।
अल-सुक्या मेडिकल सेंटर पर हूती विद्रोहियों के हमले से हाहाकार मच गया। इस हमले के बाद भगदड़ मच गई। मेडिकल सेंटर को भी हमले में काफी नुकसान हुआ।
अल-सुक्या मेडिकल सेंटर पर हूती विद्रोहियों के हमले में 10 लोगों की मौत हो गई है। क्षेत्रीय मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। मृतकों में मेडिकल स्टाफ और मरीज शामिल हैं। हमला काफी घातक था इसलिए मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
हूती विद्रोहियों के अल-सुक्या मेडिकल सेंटर पर हमले में 10 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ घायलों की स्थिति नाज़ुक बताई जा रही है।
यमन में चल रही जंग की वजह से लाखों लोग खाने के लिए तरस रहे हैं। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम - डब्ल्यूएफपी (World Food Programme - WFP) की रिपोर्ट के अनुसार यमन में तेज़ी से बढ़ रही जंग की वजह से 8 लाख लोगों तक खाद्य सहायता नहीं पहुंच पा रही है। जंग के बदलते मोर्चों, बंद सड़कों और सुरक्षा की बिगड़ती स्थितियों की वजह से कई अहम इलाकों तक खाद्य सहायता का पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है। जंग का सबसे ज़्यादा असर ताइज़ शहर पर पड़ा है। यह ताइज़ प्रांत की राजधानी होने के साथ ही देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और जंग से सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर है।
ताइज़ में जंग, लगातार हो रहे हमलों और सड़कों के बंद होने की आशंका के कारण हज़ारों विस्थापित परिवारों वाले इलाकों तक पहुंचना लगभग नामुमकिन सा हो गया है, जिससे इन परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के अनुसार अकेले ताइज़ में ही 6 लाख से ज़्यादा लोग खाद्य सहायता से वंचित हो गए हैं, जिनमें लगभग 2 लाख महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा यमन के पश्चिमी तट पर भी हाल ही में मदद पहुंचाने में रुकावटें देखने को मिली हैं।