
नाटो (NATO - North Atlantic Treaty Organization) में शामिल होने के लिए स्वीडन (Sweden) पिछले काफी समय से प्रयास कर रहा है। नाटो 31 देशों का एक ऐसा ग्रुप है जिसमें 29 यूरोपीय देश और 2 नॉर्थ अमेरिकी देश शामिल हैं। नाटो के सभी मेंबर देश सैन्य मामलों में एक-दूसरे की मदद करते हैं। इसका सबसे ज़्यादा फायदा नाटो में शामिल छोटे देशों को मिलता है। इसी वजह से स्वीडन भी काफी समय से नाटो में शामिल होना चाहता है। रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बाद से ही रुस के स्वीडन का पड़ोसी देश होने की वजह से स्वीडन ने नाटो का हिस्सा बनने की कोशिशें तेज़ कर दी थी। आज स्वीडन को नाटो का हिस्सा बनने के लिए तुर्की (Turkey) से समर्थन भी मिल गया है। अब स्वीडन को नाटो में शामिल होने के लिए बस एक और स्टेप पूरा करना है।
हंगरी का समर्थन ज़रूरी
नाटो में शामिल होने के लिए किसी भी देश के लिए ज़रूरी है नाटो के सभी सदस्य देशों की स्वीकृति। अब स्वीडन को सिर्फ हंगरी (Hungary) के समर्थन की ही ज़रूरत है।
हंगरी के पीएम ने भेजा स्वीडन के पीएम को न्यौता
हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बान (Viktor Orbán) ने स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन (Ulf Kristersson) को न्यौता भेजा है। हंगरी के पीएम ने स्वीडिश पीएम से स्वीडन के नाटो में शामिल होने पर चर्चा के लिए न्यौता भेजा है।
बनेगा 32वां मेंबर
हंगरी के समर्थन के बाद स्वीडन का नाटो में शामिल होना तय हो जाएगा। स्वीडन नाटो का 32वां मेंबर बनेगा।
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