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अमेरिका ने कतर-पाकिस्तान की सराहना, कहा- दोनों ने US-Iran बातचीत को आगे बढ़ाने में निभाई बड़ी भूमिका

US Iran Nuclear Talks 2026: कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात कर अमेरिका-ईरान वार्ता, 14-सूत्रीय MoU, लेबनान युद्धविराम और पश्चिम एशिया में शांति एवं क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अहम चर्चा की।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 01, 2026

Qatar PM meets Steve Witkoff

कतर के पीएम ने अमेरिकी दूतों के साथ की बैठक (Photo-ANI)

Iran-US War: कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल-थानी ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर के साथ बैठक की। इसमें अमेरिका-ईरान युद्ध और लेबनान युद्धविराम पर चर्चा हुई।

कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने अमेरिका-ईरान वार्ता में हुई प्रगति और पश्चिम एशिया की ताजा स्थिति की समीक्षा की। मंत्रालय ने बताया कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य संवाद और कूटनीति के जरिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूत करना था।

लेबनान युद्धविराम पर भी हुई चर्चा

बैठक में लेबनान युद्धविराम पर भी चर्चा हुई। इस दौरान दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि युद्धविराम को स्थायी बनाया जाए, ताकि लेबनान की एकता, संप्रभुता और स्थिरता बनी रहे। 

कतर ने दोहराई मध्यस्थ की भूमिका

इस दौरान कतर के पीएम अल थानी ने कहा कि कतर आगे भी मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा और MoU के तहत जारी सभी वार्ताओं का समर्थन करेगा। 

कतर पीएम ने कहा कि बातचीत के जरिए ऐसा व्यापक और स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत हो और अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा मिले।

अमेरिका ने कतर और पाकिस्तान की तारीफ

वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने में कतर की भूमिका की तारीफ की। वहीं पाकिस्तान के सहयोग की भी सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका बातचीत की प्रक्रिया जारी रखने और व्यापक समझौते तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।

ईरान ने अपनाया सख्त रुख

वहीं ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत पर सख्त रुख अपनाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ईरान के परमाणु अधिकार और उसकी रेड लाइन किसी भी कीमत पर बातचीत का विषय नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका 14-सूत्रीय MoU के तहत अपनी प्रमुख प्रतिबद्धताओं विशेष रूप से लेबनान में युद्ध समाप्त करने और समझौते के कार्यान्वयन से जुड़े प्रावधानों को पूरा नहीं करता, तब तक ईरान वार्ता के अगले चरण में प्रवेश नहीं करेगा।

'वादे पूरे नहीं हुए तो युद्ध के लिए भी तैयार'

इस दौरान ईरान ने युद्ध की भी धमकी दी है। गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया तो ईरान किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि हम बातचीत कर रहे हैं, लेकिन यदि दूसरी तरफ से समझौते का पालन नहीं किया गया तो हम युद्ध के लिए भी तैयार हैं।"