
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (ANI)
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने रूस से जुडे प्रतिबंधों के मामले में चार भारतीय कंपनियों को राहत दी है। इन कंपनियों को स्पेशल डिजाइनटेड नेशनल्स एंड ब्लॉक्ड पर्सन्स सूची (SDN) से हटाया गया है, जिसे अमेरिकी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) संचालित करता है। इस फैसले के तहत हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड, अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड तथा दिल्ली की शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को अमेरिकी प्रतिबंध सूची से बाहर कर दिया गया है। यह कदम भारत और अमेरिका के बीच संवाद के बाद सामने आया है।
अमेरिका ने 2024 में 21 भारतीय इकाइयों पर प्रतिबंध लगाए थे। इनमें 19 कंपनियां और दो व्यक्ति शामिल थे। अमेरिकी सरकार ने इन पर रूस सरकार को वित्तीय, सहायता देने का आरोप लगाया था। यह कार्रवाई कार्यकारी आदेश 14024 के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को बढाना था। वाशिंगटन का मानना था कि कुछ विदेशी कंपनियां रूस पर प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रही थी।
प्रतिबंध लगने के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर बातचीत शुरू की थी। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का जिम्मेदार सदस्य है और वह निर्यात नियंत्रण से जुडे वैश्विक मानकों का पालन करता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि भारतीय कंपनियों को निर्यात नियंत्रण कानूनों के पालन के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं। भारत का कहा था कि उसकी कंपनियां कानूनों का उल्लंघन नहीं करती और कारोबारी गतिविधियां नियमों के तहत संचालित होती हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने बयान में कहा कि OFAC ने जनवरी से मार्च 2026 की अवधि के लिए ट्रेड सैंक्शंस रिफॉर्म एंड एक्सपोर्ट एनहांसमेंट एक्ट (TSRA) के तहत लाइसेंस गतिविधियों की त्रैमासिक रिपोर्ट जारी की है। इसी दौरान SDN सूची में कई बदलाव किए गए, जिनमें कुछ नाम जोडे गए और कुछ हटाए गए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नई सूची में मेक्सिको के ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुडे कई व्यक्तियों और संस्थाओं को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही इस सूची में से चार भारतीय कंपनियों के नाम हटा दिए गए है।
Updated on:
01 Jul 2026 11:46 am
Published on:
01 Jul 2026 11:32 am
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