अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज को बताया कि वे ईरान के साथ चल रहे दो हफ्ते के सीजफायर को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। ट्रंप का मानना है कि सीजफायर बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि उससे पहले ही ईरान के साथ डील हो जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एबीसी न्यूज के साथ बातचीत में एकदम साफ कर दिया कि वो ईरान के साथ चल रहे दो हफ्ते के सीजफायर को आगे बढ़ाने के बारे में नहीं सोच रहे।
एबीसी न्यूज के जोनाथन कार्ल ने अपने पोस्ट में लिखा कि ट्रंप को लगता है सीजफायर बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह युद्ध जारी रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि इससे पहले ही ईरान के साथ डील हो जाएगी।
जब कार्ल ने पूछा कि युद्ध का अंत डील से होगा या ईरान की ताकत खत्म करके, तो ट्रंप ने कहा कि दोनों मुमकिन हैं। लेकिन उनकी पसंद डील है।
ट्रंप ने कहा- डील बेहतर है क्योंकि तब वो अपना देश फिर से बना सकते हैं। उनके पास अब एक अलग सरकार है। हमने कट्टरपंथियों को हटा दिया, वो अब नहीं रहे।
ट्रंप ने एबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा- मुझे लगता है अगले दो दिन आप कुछ जबरदस्त होते देखेंगे। बता दें कि ट्रंप ने कुछ घंटे पहले न्यूयॉर्क पोस्ट को फोन पर बताया था कि ईरान से दूसरे दौर की बातचीत अगले दो दिनों में हो सकती है। पहले उन्होंने यूरोप का नाम लिया, फिर करीब आधे घंटे बाद दोबारा फोन करके कहा कि इस्लामाबाद ज्यादा संभावित जगह है।
उधर, सीएनएन के सूत्रों के मुताबिक अमेरिका दूसरे दौर की बातचीत पर विचार कर रहा है। इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक बार फिर अमेरिकी टीम की अगुवाई कर सकते हैं। साथ में ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे।
ये तीनों नेता युद्ध शुरू होने से पहले से ही ईरान के साथ पर्दे के पीछे बातचीत कर रहे हैं। इस्लामाबाद में पहले दौर की 21 घंटे की बातचीत के बाद से ये अब भी ईरानी अधिकारियों और बिचौलियों के संपर्क में हैं।
हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने साफ किया कि अभी कुछ तय नहीं हुआ है। बातचीत पर चर्चा हो रही है, लेकिन अभी कोई तारीख नहीं है।
इस पूरे इंटरव्यू में ट्रंप ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अगर वो राष्ट्रपति नहीं होते तो आज दुनिया टुकड़े-टुकड़े हो चुकी होती। यह बयान चाहे जितना विवादित हो, लेकिन इससे ट्रंप की उस सोच का पता चलता है जिसमें वो खुद को इस वैश्विक संकट का एकमात्र हल मानते हैं।