US Bill for India and Pakistan: सबसे खास बात ये है कि ये कानून बनने पर भारत को वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जा रहे रूसी हथियारों की खरीद के लिए सीएएटीसीए प्रतिबंधों से सीमित छूट मिल जाएगी।
US Bill for India and Pakistan: अमरीकी संसद में सीनेटर मार्को रुबियो ने गुरुवार को एक विधेयक पेश किया। विधेयक में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के संबंध में भारत को जापान, इजरायल, कोरिया और नाटो (NATO) सहयोगियों जैसे अपने सहयोगियों के समान माना गया है। विधेयक के अनुसार भारत की क्षेत्रीय अखंडता के लिए बढ़ते खतरों की प्रतिक्रिया में भारत का समर्थन किया जाएगा और अगर पाकिस्तान (Pakistan) भारत के खिलाफ आतंकवाद को प्रायोजित करता पाया जाता है तो उसे सुरक्षा सहायता प्राप्त करने से रोका जाएगा। अमरीका के चुनावी माहौल में इस विधेयक के बहुत आगे बढ़ने की संभावना नहीं है, लेकिन भारत-अमरीकी संबंधों पर दोनों दलों के बीच समर्थन को देखते हुए इसे अगरी कांग्रेस में फिर से पेश किया जा सकता है।
रुबियो ने सीनेट में अमरीका-भारत रक्षा सहयोग अधिनियम पेश (US India Defense Cooperation Act) के बाद कहा, 'कम्युनिस्ट चीन भारत-प्रशांत क्षेत्र में अपने क्षेत्र का आक्रामक रूप से विस्तार कर रहा है, जबकि वह हमारे क्षेत्रीय साझेदारों की संप्रभुता और स्वायत्तता को बाधित करना चाहता है। इन दुर्भावनापूर्ण चालों का मुकाबला करने में अमेरिका का समर्थन जारी रखना महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करना होगा कि क्षेत्र के अन्य देशों के साथ-साथ भारत भी अकेला नहीं है।'
कानून बनने पर, यह भारत को वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जा रहे रूसी हथियारों की खरीद के लिए सीएएटीसीए प्रतिबंधों से सीमित छूट प्रदान करेगा। विधेयक में कहा गया है कि भारत को रक्षा सामग्री, रक्षा सेवाएं, डिजाइन और निर्माण सेवाएं तथा प्रमुख रक्षा उपकरण बेचने के लिए प्रस्ताव पत्रों के प्रमाणन पर शीघ्र विचार करना अमरीकी हितों के अनुरूप है। यह शांति और स्थिरता के हित में है कि भारत के पास खतरों को रोकने के लिए आवश्यक क्षमताएं हों।