7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप! कोलकाता से बांग्लादेश तक कांपी धरती, डर के मारे सड़कों पर निकले लोग

म्यांमार में मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को 6.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका असर भारत के कोलकाता और पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी देखा गया। कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए, जिससे हड़कंप मच गया और लोग घरों से बाहर निकल आए।

2 min read
Google source verification
Earthquake

पत्रिका फाइल फोटो

Myanmar Earthquake: म्यांमार में मंगलवार शाम को 6.0 तीव्रता (रिच्टर स्केल) का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी वजह से पूर्वी भारत के कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज कंपन महसूस हुआ। पड़ोसी बांग्लादेश के ढाका समेत विभिन्न इलाकों में भी धरती कांपी, जिससे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जो इसे उथला और अधिक प्रभावी बनाती है।

म्यांमार में 71 घंटों में तीसरा झटका

भूकंप का केंद्र म्यांमार के मगवे क्षेत्र में था, लगभग 95 किमी पश्चिम येनांगयौंग या 70 मील पूर्व अक्याब (सिटवे) के पास। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 5.9 से 6.1 तक बताया गया, लेकिन अधिकांश स्रोतों ने 6.0 की पुष्टि की। यह म्यांमार में पिछले 71 घंटों में तीसरा महसूस किया गया भूकंप था। बांग्लादेश में यह 24 घंटे से कम समय में दूसरा भूकंप था—इससे पहले मंगलवार को ही 4.1 तीव्रता का झटका लगा था (राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, एनसीएस)।

घरों से बाहर निकले लोग

कोलकाता में हाई-राइज इमारतों, ऑफिसों और घरों में तेज हिलोरें महसूस हुईं। लोग छत के पंखे और फर्नीचर हिलते देख डर गए और सड़कों पर निकल आए। कई लोगों ने बताया कि कंपन 5-10 सेकंड तक चला, जिसमें हल्का चक्कर आना और वस्तुएं हिलना शामिल था। ढाका और बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का दहशत का माहौल रहा। हालांकि, अभी तक कोई मौत, घायल या बड़े पैमाने पर नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारियों ने स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है और आफ्टरशॉक की आशंका जताई है।

म्यांमार में आते रहते हैं भूकंप

यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय है, जहां सागाइंग फॉल्ट जैसी बड़ी फॉल्ट लाइन्स हैं। म्यांमार में अक्सर 6.0 से ऊपर के भूकंप आते हैं, लेकिन उथले होने से वे दूर तक महसूस होते हैं। कोलकाता से केंद्र की दूरी लगभग 600-625 किमी थी, फिर भी कंपन मजबूत रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि 5.0 तीव्रता का भूकंप लगभग 200 टन टीएनटी के बराबर ऊर्जा छोड़ता है।