विदेश

India-Japan Deal: ट्रंप टैरिफ बम हो जाएगा फुस्स ? भारत-जापान लव इन टोक्यो पर जल्द होगा बड़ा ऐलान…

India Japan Deal 2025: जापान के बीच 68 अरब डॉलर की बड़ी डील तय हुई है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।

2 min read
Aug 26, 2025
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा । ( फोटो: X Handle Callisto Roll.)

India-Japan Deal: अमेरिका की ओर से भारत पर 50% तक का भारी टैरिफ (India Japan Deal 2025) लगाने के बाद भारत ने इस आर्थिक दबाव से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत भारत और जापान के बीच एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक समझौता (Modi Japan Investment) होने जा रहा है, ताकि अमेरिकी दबाव को संतुलित किया जा सके। ध्यान रहे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) ने भारत पर एकतरफा तौर पर भारी आयात शुल्क (US India Tariff Tension) लगाने का फैसला किया है। ट्रंप ने पहले से लगाए गए 25% टैरिफ के अलावा अब और 25% का जुर्माना जोड़ दिया है, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया है। यह फैसला (India-Japan Deal) बुधवार से लागू होगा। भारत ने इसे अनुचित और व्यापारिक सिद्धांतों के खिलाफ करार दिया है।

ये भी पढ़ें

अमेरिकी उप राष्ट्रपति वेंस ने क्या कहा कि भारत पर टैरिफ का दबाव बढ़ा: रूसी तेल खरीद पर विवाद

भारत नहीं झुकेगा, विकल्प तलाश किए जा रहे

भारत सरकार ने साफ कह दिया है कि देश किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। सरकार ने सभी विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है, ताकि अमेरिकी टैरिफ का असर कम किया जा सके। भारत ने कृषि और डेयरी जैसे भारतीय क्षेत्रों में अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग को साफ तौर पर नकार दिया है।

भारत-जापान के बीच बड़ा निवेश समझौता

ट्रंप की टैरिफ रणनीति के बीच भारत और जापान के बीच एक ऐतिहासिक आर्थिक समझौते की तैयारी है। जापान ने भारत में अगले 10 वर्षों में करीब 5.65 लाख कराड़ रुपये निवेश करने का वादा किया है। इस निवेश से भारत-जापान के द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई मिलेगी।

मोदी-इशिबा की मुलाकात से बदलेगा समीकरण

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा इस सप्ताह होने वाले शिखर सम्मेलन में मिलेंगे। इस मुलाकात के दौरान 17 वर्षों में पहली बार सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त बयान दिया जाएगा, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।

AI और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी

जापान का यह निवेश खासकर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में होगा। इससे तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। भारत ने जापान की उन्नत सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी में गहरी रुचि दिखाई है, जिसका प्रदर्शन टोक्यो इलेक्ट्रॉन कंपनी के माध्यम से किया जाएगा।

8 क्षेत्रों में होगा सहयोग, पर्यावरण और हेल्थ भी शामिल

दोनों देश मोबिलिटी, हेल्थ, पर्यावरण और तकनीकी विकास जैसे आठ अहम क्षेत्रों में मिल कर काम करेंगे। AI आधारित समाधान सामाजिक समस्याओं से निपटने में मदद करेंगे और दोनों देशों के बीच गहरा तकनीकी रिश्ता कायम होगा।

भारत का जवाब और अमेरिका को संकेत

बहरहाल भारत और जापान के बीच नजदीकी अमेरिका की सख्ती को सांकेतिक जवाब है। जहां एक तरफ अमेरिका टैरिफ के जरिये भारत पर दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत जापान जैसे भरोसेमंद साझेदार के साथ मिलकर नए अवसरों की ओर बढ़ रहा है। खास बात यह है कि यह डील केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक जवाब भी है, जो भारत की आत्मनिर्भरता और रणनीतिक समझ का प्रतीक है।

Also Read
View All

अगली खबर