3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

50% अमेरिकी टैरिफ से बच सकते हैं ये भारतीय उत्पाद, माननी होंगी 3 शर्तें

US Tariff Exemption: अमेरिका भारत पर 50 फीसदी का बढ़ा हुआ टैरिफ 27 अगस्त से लागू कर रहा है। हालांकि, सरकारी ड्राफ्ट के अनुसार, 3 शर्तों को मानने वाले कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगेगा।

2 min read
Google source verification
US Tariff Exemption

27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ लागू हो जाएगा। (PC: Gemini)

कुछ भारतीय उत्पाद अमेरिका में 50 फीसदी तक का भारी टैरिफ चुकाने से बच सकते हैं। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें माननी होंगी। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को लेकर एक ड्राफ्ट नोटिस जारी किया है। इस ड्राफ्ट नोटिस के अनुसार, 27 अगस्त यानी बुधवार से भारत पर 50 फीसदी का भारी भरकम टैरिफ लागू करने का प्रस्ताव है। नोटिस में अमेरिका ने भारत पर नया टैरिफ लागू करने का पूरा प्रोसेस बताया है। हालांकि, इसी ड्राफ्ट में कुछ उत्पादों के लिए भारी-भरकम टैरिफ से बचने का तोड़ भी है।

27 अगस्त से लागू हो जाएगा टैरिफ

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नोटिस में कहा गया, "यह बढ़ा हुआ टैरिफ भारतीय उत्पादों पर जो 27 अगस्त, 2025 को सुबह 12:01 बजे (EDT) या उसके बाद कंजंप्शन के लिए एंट्री करेंगे या कंजंप्शन के लिए गोदाम से निकाले जाएंगे, उन पर लागू होगा।"

टैरिफ से बच जाएंगे ये उत्पाद

हालांकि, भारतीय उत्पाद इन तीन शर्तों को पूरा करने पर 50% के टैरिफ से बच सकते हैं:

(1) यदि भारतीय उत्पाद 27 अगस्त, 2025 को सुबह 12:01 बजे (EDT) से पहले ही किसी जहाज पर लाद दिए गए हों और अमेरिका के लिए रवाना हो चुके हों, तो उन सामानों पर अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगेगा।

(2) वे उत्पाद जो 17 सितंबर, 2025 को सुबह 12:01 बजे (EDT) से पहले अमेरिका में उपयोग होने के लिए क्लियर हो जाते हैं या गोदाम से कंजंप्शन के लिए निकाल लिए जाते हैं, उन पर अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगेगा।।

(3) यदि आयातक यूएस कस्टम्स से विशेष कोड HTSUS 9903.01.85 घोषित करके इसकी पुष्टि करता है, तो अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगेगा।

अमेरिका ने क्या कहा?

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नोटिस में कहा गया, "भारत के उत्पादों पर ऐसा अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा यदि वे (1) 27 अगस्त, 2025 को सुबह 12:01 बजे (EDT) से पहले लोडिंग पोर्ट पर किसी जहाज पर लाद दिए गए हों और अमेरिका में प्रवेश से पहले अंतिम ट्रांजिट मोड में हों; (2) 17 सितंबर, 2025 को सुबह 12:01 बजे (EDT) से पहले उपभोग के लिए दर्ज किए गए हों या उपभोग के लिए गोदाम से निकाले गए हों; और (3) आयातक CBP (अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा) को नए HTSUS हेडिंग 9903.01.85 को घोषित करके यह प्रमाणित करता है कि उत्पाद इस 'इन-ट्रांजिट' छूट के योग्य हैं, जैसा कि इस नोटिस के Annex में वर्णित है।"

अमेरिकी टैरिफ के सामने नहीं झुका भारत

सात अगस्त को डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों के कारण भारतीय सामानों पर टैरिफ को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि इससे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर अपने युद्ध को लेकर बातचीत की मेज पर आएंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने डील पर बातचीत के लिए 21 दिनों का समय भी दिया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर रियायती मूल्य पर रूसी कच्चे तेल की खरीद करके रूस के यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। भारत ने रूस से अपनी खरीद का बचाव करते हुए संकेत दिया है कि नई दिल्ली अपना व्यापार जारी रखेगी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के लगाए गए टैरिफ को लेकर एक कड़ा संदेश भेजा था, जिसमें उन्होंने दोहराया था कि केंद्र सरकार के लिए किसानों और छोटे उद्योगों के हित सर्वोपरि रहेंगे।

Story Loader