India Pakistan Conflict: ऑपरेशन सिन्दूर से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हवाई हमलों से हुए नुकसान के चलते अपने एयरबेस की बंदी को 6 जून तक बढ़ा दिया है। ।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के सैन्य तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना की कार्रवाई ने पाकिस्तान को गहरे संकट में डाल दिया है। सूत्रों के अनुसार, भारत की सटीक मिसाइल हमलों ने पाकिस्तान के कई प्रमुख एयरबेस, जिनमें नूर खान (रावलपिंडी), शहबाज (जैकबाबाद), और मुशाफ (सरगोधा) शामिल हैं, को भारी नुकसान पहुंचाया है। इन हमलों के बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र और प्रभावित एयरबेस की बंदी को 6 जून 2025 तक बढ़ाने का फैसला किया है।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी तकनीक और सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों का उपयोग कर पाकिस्तान के चीनी और तुर्की मूल के हवाई रक्षा तंत्र को निष्प्रभावी कर दिया। सरकारी बयानों में दावा किया गया कि भारत ने पाकिस्तान की निगरानी प्रणाली, संचार व्यवस्था, और निर्णय लेने की क्षमता को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया।
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि भारत ने छह बैलिस्टिक मिसाइलों से उनके चार एयरबेस पर हमला किया, लेकिन भारतीय अधिकारियों और सैटेलाइट तस्वीरों ने इस दावे को खारिज करते हुए पुष्टि की कि नुकसान पाकिस्तानी एयरबेस को ही हुआ, न कि भारतीय ठिकानों को।
पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद रखने का निर्णय लिया है, जिसके कारण उड़ानें लंबे रास्तों से होकर गुजर रही हैं। इससे समय और ईंधन की लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत ने भी 9 से 14 मई तक अपने उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में 32 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ानों को निलंबित किया था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।
पाकिस्तान ने भारत के उधमपुर और जम्मू एयरबेस पर हमले के फर्जी दावे किए, लेकिन खुफिया विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए इन दावों को झूठा साबित किया। पीआईबी फैक्ट चेक ने भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने नुकसान को छिपाने के लिए फर्जी वीडियो और तस्वीरों का सहारा ले रहा है।
भारत ने साफ कर दिया है कि 23 अप्रैल को पाकिस्तान पर लगाए गए प्रतिबंध जारी रहेंगे। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भारत में होने वाला कोई भी आतंकी हमला युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। पाकिस्तान के लिए यह सैन्य और आर्थिक रूप से कठिन दौर है, जबकि भारत अपनी रक्षा और कूटनीतिक रणनीति को और मजबूत कर रहा है।