
आतंकियों के खुलेआम घूमने के कई वीडियो सामने आने के बाद भारत (India) ने एफएटीएफ - फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF - Financial Action Task Force) में पाकिस्तान (Pakistan) को घेरने की तैयारी कर ली है। पाकिस्तान पिछली बार एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' से बाहर निकलने में कामयाब रहा था था, लेकिन आतंकी गतिविधियों के कारण कड़ी निगरानी में है, क्योंकि उसने आतंकवाद के लिए फंडिंग को रोकने के लिए और कदम उठाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन ऐसा किया नहीं।
कुछ दिन पहले पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के भाई शाहिद अख्तर के जनाज़े में कई आतंकी दिखे, जिनके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। पाकिस्तान में आतंकियों के खुलेआम घूमने का यह एक बड़ा सबूत है।
पाकिस्तानी सरकार इस समय मुश्किल स्थिति में फंसी हुई है। एक तरफ उसे एफएटीएफ की नज़र से बचना है और दूसरी तरफ लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मौहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को नाराज़ भी नहीं किया जा सकता। एक अधिकारी ने इस मामले में कहा कि पाकिस्तान वही गलती कर रहा है जो उसने जमात-उद-दावा के मामले में की थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जमात-उद-दावा लश्कर-ए-तैयबा की फाइनेंशियल विंग है और यह ग्रुप उन मुख्य वजहों में से एक था जिनकी वजह से पाकिस्तान पिछली बार एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' में शामिल हुआ था। ऐसे में अब जमात-उद-दावा पर्दे के पीछे से काम कर रहा है, जिसकी वजह से पाकिस्तान में अब पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी हुई है। अधिकारी ने कहा कि भारत ऐसे सभी सबूत इकट्ठा कर रहा है जो पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े चैनलों पर शेयर किए जा रहे हैं। एफएटीएफ की अगली सुनवाई के दौरान इनका इस्तेमाल सबूत के तौर पर किया जा सकता है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार पाकिस्तान में आतंकियों के खुलेआम सामने आना एक एजेंडा है, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर घोषित इन आतंकियों को राजनीतिक नेताओं के तौर पर पेश करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। इसीलिए इस बात पर बहुत ज़ोर दिया जा रहा है कि ये आतंकी सार्वजनिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में सामने आ रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान कभी भी आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करेगा और आतंकियों को राजनीतिक नेताओं के तौर पर पेश करने की हर मुमकिन कोशिश करेगा।