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अमेरिका के ‘रेड फ्लैग’ युद्धाभ्यास में शामिल हुई इंडियन एयरफोर्स, पहली बार राफेल के साथ आसमान में दिखाया सेना का शौर्य 

USA Exercise Red Flag 2024: साल में चार बार होने वाले इस युद्धाभ्यास में भारतीय लड़ाकू विमान राफेल ने पहली बार हिस्सा लिया और अमरीकी वायुसेना के अत्याधुनिक एफ-16 और एफ-15 विमानों से मुकाबले में अपनी श्रेष्ठता साबित की।

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Indian Air Force joins USA Exercise Red Flag 2024

USA Exercise Red Flag 2024: अमेरिका के अलास्का में हाल ही आयोजित बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास रेड फ्लैग-2024 में भारतीय वायुसेना के विमानों और वायु योद्धाओं ने झंडे गाड़ दिए। साल में चार बार होने वाले इस युद्धाभ्यास में भारतीय लड़ाकू विमान राफेल (Rafale) ने पहली बार हिस्सा लिया और अमरीकी वायुसेना के अत्याधुनिक एफ-16 और एफ-15 विमानों से मुकाबले में अपनी श्रेष्ठता साबित की। युद्धाभ्यास में शामिल होने गया भारतीय वायुसेना का दल 24 जून को स्वदेश लौटने से पहले ग्रीस व मिस्र की वायु सेनाओं के साथ भी युद्धाभ्यास करेगा।

जर्मनी और सिंगापुर के साथ भारतीय सेना ने किया युद्धाभ्यास

अमरीकी वायुसेना के अलास्का स्थित एइलसन एयरफोर्स बेस में युद्धाभ्यास रेड फ्लैग में (USA Exercise Red Flag 2024) अमरीका व भारत की वायुसेनाओं के अलावा रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर एयरफोर्स (RSAF), ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स (RAF), रॉयल नीदरलैंड एयरफोर्स (आरएनएलएएफ) और जर्मनी वायुसेना जर्मन लूफ्टवाफे ने भी भाग लिया।

भारतीय सेना ने राफेल विमानों के साथ दिखाया दम

बता दें कि 'रेड फ्लैग' वास्तविक युद्ध के अनुरूप डिजाइन किए गए कई परिदृश्यों के साथ आयोजित किया जाता है। इसमें रेड फोर्स वायु रक्षा तत्वों और ब्लू फोर्स आक्रामक समग्र तत्वों का अनुकरण करती है। भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों ने एफ-16 व एफ-15 और यूएसएएफ ए-10 विमानों के साथ सैन्य अभ्यास में आक्रामक काउंटर एयर व एयर डिफेंस भूमिकाओं में लार्ज फोर्स एंगेजमेंट (एलएफई) के तहत बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) श्रेष्ठता सिद्ध की। 

भारतीय विमानों ने अभ्यास के दौरान चुनौतीपूर्ण मौसम और लगभग शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद 100 से अधिक उड़ानें भरकर सभी निर्धारित मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए।

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